Karnataka News: हुबली में एक भाजपा महिला कार्यकर्ता की गिरफ्तारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिवार ने पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के साथ सामने आया है। भाजपा ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है।
पीड़िता की बहन विजयलक्ष्मी ने घटना का विवरण दिया। उनके अनुसार करीब तीस पुलिसकर्मी उनके घर आए। पुलिस ने सुजाता और परिवार के अन्य सदस्यों को अंदर ले जाया। उन्होंने दावा किया कि सुजाता के साथ बेरहमी से मारपीट हुई। उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए।
परिवार ने सुनाई गिरफ्तारी की कहानी
पीड़िताकी मां ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बिना कारण बताए उन्हें घर से उठाया। उनकी बेटी को जबरदस्ती गाड़ी में घसीटा गया। एक पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें गालियां भी दीं। पुलिस टीम में महिला और पुरुष दोनों कर्मी शामिल थे।
यह महिला हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई थी। उस पर मतदाता सूची में छेड़छाड़ के मामले में अधिकारियों की मदद करने का आरोप है। इस मुद्दे पर पहले भी दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो चुकी है। इस घटना से इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
पुलिस ने पेश किया अपना पक्ष
पुलिस आयुक्त एन शशिकुमार नेगिरफ्तारी का औचित्य स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि एक जनवरी को दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद कई शिकायतें दर्ज हुईं। एक शिकायतकर्ता ने दावा किया कि महिला ने उन्हें काटा और प्राइवेट पार्ट पर लात मारी।
पांच जनवरी को पुलिस शिकायत के आधार पर महिला को गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस के अनुसार महिला ने सहयोग करने से मना कर दिया। गाड़ी में बैठाने के बाद उसने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। आठ महिला पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की।
गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल
पुलिस आयुक्त केबयान के अनुसार महिला ने खुद अपने कपड़े फेंके और निर्वस्त्र हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने उसे दूसरा कपड़ा दिया। इसके बाद ही गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस ने कार्रवाई को पूरी तरह कानून सम्मत बताया।
महिला कार्यकर्ता के खिलाफ पहले से कुछ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह जानकारी भी पुलिस ने सार्वजनिक की है। इन मामलों में भी जांच चल रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी इन्हीं मामलों की कार्यवाही का हिस्सा थी।
दोनों राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। भाजपा ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। कांग्रेस ने कानून के शासन पर जोर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। इस मामले में और विकास की प्रतीक्षा है।
