हिमाचल के पालमपुर में ठगी और बलात्कार केस में आरोपी समाजसेवक संजय शर्मा के खिलाफ हमीरपुर के आशीष कुमार द्वारा की गई ऑनलाइन शिकायत अब कांगड़ा के फतेहपुर पुलिस स्टेशन में पहुंच गई है। लेकिन अभी तक इस मामले में पुलिस ने कोई प्राथमिकी दर्ज नही की है। लेकिन केस से संबंधित अधिकारी ने इस केस में एक नया मोड़ निकाल लिया है। एक वायरल ऑडियो में एक पुलिस वाले ने इस मुकदमे के गवाह को बताया है कि यह रिश्वत का मामला बनता है। उन्होंने नौकरी के लिए 50 हजार की रिश्वत दी है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल जब शिकायतकर्ता ने नौकरी का झांसा देकर 50 हजार ठगने की शिकायत दर्ज करवाई है तो पुलिस शिकायतकर्ता को उसी की शिकायत करने पर क्यों फंसा रही है। अगर इस मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्यवाही होती है तो बाकी शिकायतकर्ता कैसे पुलिस पर विश्वास करके शिकायत दर्ज करवाएंगे। इस मामले में एक और सवाल भी उठता है कि ना तो संजय शर्मा कोई सरकारी अफसर है और ना ही कोई विधायक या सांसद, जोकि उसको नौकरी दे सके। तो यह मामला रिश्वत का मामला कैसे बनता है।

इस मामले में जब हमारी टीम ने संबंधित पुलिस अधिकारी से कॉल पर बात की तो उनका कहना था कि यह रिश्वत का मामला ही बनता है। लेकिन रिश्वत का मामला कैसे बनता है, इस सवाल का जबाब देने में असमर्थ रहे।

पुलिस अफसर की गवाह से बातचीत का ऑडियो

आपको बता दें कि संजय शर्मा के खिलाफ पालमपुर पुलिस स्टेशन में ठगी और बलात्कार का मामला दर्ज है। वहां संजय शर्मा उर्फ बड़का भाऊ ने अपनी मकान मालकिन से जमीन दिलाने के नाम पर 30 लाख रुपये ठगे है और चाकू की नोक पर बलात्कार को भी अंजाम दिया है। जिसके चलते महिला ने पुलिस में 376, 420 आदि धाराओं में शिकायत दर्ज करवाई है। जिसकी जांच अभी जारी है। हिमाचल के कई लोग संजय शर्मा के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज करवाना चाहते है। लेकिन अभी तक किसी और ने कोई शिकायत दर्ज नही करवाई है।

उपरोक्त मुकदमे में पुलिस की कार्यवाही संदिग्ध ही नही बल्कि अपराधी को बचाने और शिकायतकर्ता को फंसाने वाली नजर आ रही है। ऐसे में तो कई लोग संजय शर्मा के खिलाफ ठगी करने, झांसा देने और उनका शोषण करने के अपराध की शिकायत तक दर्ज नही करवा पाएंगे। जबकि एक दंपति 4.70 लाख, एक आर्मी से रिटायर आदमी 9 लाख की और एक लड़की 40 हजार ठगने की शिकायत करवाने की तैयारी में है। जानकारी मिली है कि एक अध्यापक भी संजय शर्मा के खिलाफ शिकायत पत्र पुलिस को दे चुका है लेकिन उसमें भी कोई खास कार्यवाही अभी तक अमल में नही लाई गई है।

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