उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि जिला में टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 28 अप्रैल तक 2,99,898 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया है। इनमें से 50 हजार को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि खुराक लेने वालों में स्वास्थ्य कर्मचारी, अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ताओं सहित 45 वर्ष की आयु तक के लोग शामिल हैं। कोविड-19 महामारी के बीच जिला कांगड़ा को बचाने के लिए उपायुक्त कांगड़ा के निर्णय हमेशा ही लीक से हटकर रहे हैं। प्रदेश भर में 1 मई से शादियों में केवल 20 ही मेहमानों के शामिल होने के आदेश प्रदेश सरकार ने जारी किए हैं। लेकिन जिला कांगड़ा में 20 मेहमानों के नामों की सूचना प्रशासन व सबंधित पंचायत प्रधानों को देने के निर्देश जारी हुए हैं।

इतना ही नहीं उल्लघंना करने वालों तथा सूची में नाम न शामिल होने के बाद भी शादी में पहुंचे मेहमानों पर कानूनी कार्रवाई करने की बजाय उनकी कोविड केयर सेंटर में डयूटी लगाने का निर्णय उपायुक्त कांगड़ा द्वारा लिया गया है। पिछले वर्ष कोरोना की पहली लहर में भी डी.सी. कांगड़ा के समय पर लिए गए निर्णयों और पाबंदियों से कांगड़ा को वायरस की चपेट में आने से बचाया गया था। हालांकि इस दौरान उपायुक्त स्वयं व उनके परिवार के सदस्य इसकी चपेट में आ गए थे। लेकिन बीमारी को मात देकर दोबारा पूरे जोश के साथ कोरोना से कांगड़ा को बचाने तथा दूसरी लहर की चैन को तोड़ने के लिए लीक से हटकर फैसले ले रहे हैं। जिससे कि कोरोना संक्रमण के आंकड़ों में प्रदेश भर में पहले स्थान पर पहुंचे सबसे बड़े जिला में वायरस के कहर को रोका जा सके।

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