अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका पर जस्टिस चंद्रचूड़ करेंगे सुनवाई

RIGHT NEWS INDIA: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ वाराणसी में ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी परिसर के सर्वेक्षण के खिलाफ दायर याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई कर सकती है।

ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली कमेटी ने याचिका दायर कर सर्वेक्षण पर रोक लगाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर शनिवार को अपलोड किए गए आदेश में यह जानकारी दी गई है। हालांकि, ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका पर प्रस्तावित सुनवाई की तारीख अभी अपलोड नहीं की गई है।

अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका पर अगले हफ्ते हो सकती है सुनवाई

शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने सर्वेक्षण के खिलाफ यथास्थिति बनाए रखने संबंधी अंतरिम आदेश देने से इन्कार कर दिया था। हालांकि, प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई के लिए याचिका को सूचीबद्ध करने के बारे में विचार करने पर सहमत हो गई थी। मस्जिद पक्ष ने उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) कानून, 1991 और उसकी धारा चार का जिक्र किया, जो 15 अगस्त, 1947 को विद्यमान किसी भी उपासना स्थल के धार्मिक स्वरूप में बदलाव को लेकर कोई भी वाद दायर करने या कोई कानूनी कार्रवाई शुरू करने को लेकर प्रतिबंध का प्रविधान करती है।

सर्वेक्षण कर 17 मई को कोर्ट में पेश करनी है रिपोर्ट

वाराणसी की एक अदालत ने सर्वेक्षण पर रोक लगाने और एडवोकेट कमिश्नर को हटाने की याचिका खारिज कर दी थी। कमिश्नर को ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी परिसर का सर्वेक्षण कर 17 मई को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी है। स्थानीय अदालत ने फैसला मंदिर पक्ष की याचिका पर सुनाया था, जिसमें मस्जिद की बाहरी दीवार पर मौजूद देवी-देवताओं की मूर्तियों की रोज पूजा करने की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया गया है।

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