जिला एवं सत्र न्यायाधीश चम्बा राजेश तोमर की अदालत ने राम सिंह पुत्र कुलवंत सिंह निवासी गांव मदाली तहसील नकोदर जिला जालंधर (पंजाब) और संजू पुत्र छेंका राम निवासी गांव व डाकघर सिमणी तहसील सलूणी जिला चम्बा को चरस तस्करी के आरोप में दोषी पाए जाने पर 11 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों को 1.10-1.10 लाख रुपए जुर्माना भी किया है। जुर्माना राशि अदा न करने पर उन्हें एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

मामले की पैरवी करते हुए उप जिला न्यायवादी राजेंद्र कुमार ने बताया कि 21 नवम्बर, 2017 को सुबह करीब 10:45 बजे पुलिस दल ने मुख्य आरक्षी विवेक की अगुवाई में चम्बा-पठानकोट एनएच पर तुनुहट्टी बैरियर पर नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान मार्ग पर से गुजरने वाले वाहनों के दस्तावेज खंगाले जा रहे थे। इसी बीच चम्बा की ओर से आई निगम की बस (एचपी 73-4528) को जांच के लिए रोका गया था। पुलिस दल बस में दाखिल हुआ तो सीट नम्बर 25 पर बैठा यात्री राम सिंह अचानक घबरा गया। उस यात्री के पास एक सफेद, लाल और नीले रंग का बैग था। उसकी सीट के आगे बैठे विशाल पुत्र किशन निवासी गांव बोड़ी तहसील व जिला चम्बा, देविंद्र पुत्र हंसराज निवासी गांव सागला तहसील सलूणी जिला चम्बा और बस परिचालक शीशपाल निवासी इंदपुर तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा की उपस्थिति में बैग की तलाशी ली तो उसमें से 3.180 किलोग्राम चरस बरामद हुई थी।

पुलिस ने मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 20 के तहत आरोपी राम सिंह के विरुद्ध मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। छानबीन के दौरान पाया गया कि संजू नामक व्यक्ति ने साजिश रची थी। पुलिस की ओर से छानबीन पूरी करने के बाद मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 20 व 29 के तहत चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में पेश की गई थी। न्यायालय ने बुधवार को उक्त दोनों को दोषी करार देते हुए 11 वर्ष के कठोर कारावास और प्रति व्यक्ति एक लाख दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

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