जिला कुल्लू के सक्रिय सदस्य, पत्रकार एवं प्रसिद्ध कवि दीपक कुल्लवी का आकस्मिक निधन हो गया है।  दीपक  कुल्लवी के इस तरह जाने से मीडिया जगत व साहित्य जगत में शोक की लहर है। दीपक कुल्वी की जान कोरोना ने लील ली है।  प्रेस क्लब जिला कुल्लू तथा सभी उपमंडल प्रेस क्लबों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। दीपक कोरोना पाॅजिटिव पाए थे, उसके बाद उन्हें कोविड सेंटर में भी भर्ती किया गया था।

उधर प्रेस क्लब व साहित्य कला परिषद ने प्रेस रूम कुल्लू में शोक सभा का आयोजन किया तथा दो मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष सूरत ठाकुर ने कहा कि मीडिया व साहित्य जगत की एक अहम नींव हिली है और इस अपूरणीय क्षति को पूरा करना संभव नहीं।

उधर पूर्व मंत्री एवं भुट्टीको के चेयरमैन सत्य प्रकाश ठाकुर ने भी गहरी संवेदना प्रकट की है। तमाम पदाधिकारियों ने उनकी मौत पर गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुःख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। दीपक कुल्वी प्रसिद्ध लेखक, कवि, साहित्यकार जय देव विद्रोही के पुत्र हैं। दीपक कुल्लवी पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में अस्वस्थ चल रहे थे और डाॅक्टरों ने उन्हें कुल्लू रेफर कर दिया था। शुक्रवार शाम उन्होंने कुल्लू अस्पताल में आखिरी सांस ली। उन्हें कई बार वेस्ट जर्नलिस्ट अवार्ड भी मिल चुके हैं। कुल्लवी अपने पीछे वृद्ध माता-पिता के अलावा पत्नी और एक बेटा व बेटी छोड़ गए। पूरा प्रेस क्लब परिवार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ है और भगवान उन्हें इस दुःख को सहने की हिम्मत दे। उन्होंने कहा कि जिला प्रेस क्लब सहित सभी उपमंडल प्रेस क्लबों में शोक रहेगा और उनकी आत्मा की शांति के लिए शोक सभा का आयोजन होगा। दीपक कुल्लवी का अंतिम संस्कार कोविड-19 के नियमानुसार शनिवार को भूतनाथ कुल्लू में हुआ।

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