वर्कप्लेस या दफ्तर में महिलाओं के साथ होने वाली यौन शोषण की घटनाओं को रोकने के लिए कई कठोर कानून मौजूद हैं। इसके बावजूद कई महिलाएं अपने दफ्तर में सेफ महसूस नहीं करतीं, क्योंकि उनसे छेड़छाड़ कुछ ऐसे तरीकों से होती है कि उनके मन में एक दुविधा की भावना रहती है कि वह इसे यौन शोषण मानकर शिकायत करें या नहीं। इस पर महिला कानून की विशेषज्ञ अपर्णा गीते ने बताया कि आखिर वर्कप्लेस हैरेसमेंट के दायरे में क्या-क्या आता है..

महिला से हंसी-मजाक करना गलत नहीं, लेकिन सेक्सुअल फेवर की चाहत रखना यौन उत्पीड़न

  • महिला से सेक्सुअल फेवर की चाहत रखते हुए उसके साथ किया गया कोई भी व्यवहार यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है।
  • महिला की तारीफ करना गलत नहीं, लेकिन गलत इरादे से बार-बार तारीफ करना भी उत्पीड़न।
  • सेक्सुअल फेवर की चाहत में महिला के विरोध में व्यवहार करना।
  • अगर कोई पुरुष किसी महिला को पसंद करता हो या उससे दोस्ती करना चाहे तो साफ और सीधे शब्दों में अपनी बात कह सकता है, लेकिन उसका इरादा किसी भी तरह के सेक्सुअल फेवर का न हो।
  • अश्लील इशारे करना, अश्लील मैसेज भेजना या फिर अश्लील तस्वीरें या साहित्य दिखाना यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है।
  • महिला के न कहने के बाद भी उससे सेक्सुअल फेवर चाहना और जबरदस्ती करना यौन उत्पीड़न है।

कही हुई बात भी यौन उत्पीड़न और कई साल बाद भी हो सकती है इसकी शिकायत

सवाल- बातचीत के दौरान कही गई आपत्तिजनक बात के खिलाफ कानूनी सबूत क्या होगा? आप कैसे साबित करेंगे कि आपका यौन शोषण हुआ है?

जवाब- कोई गवाह न होने की स्थिति में महिला को इस बातचीत ब्योरा लिखित में देना होगा। वही गवाह माना जाएगा।

सवाल- सेक्सुअल हैरेसमेंट के केस में अगर महिला कर्मचारी और आरोपित, दोनों ही कई साल पहले कंपनी छोड़ चुके हों तो क्या उसी कंपनी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं?

जवाब- ऐसे मामलों में तीन महीने बाद तक शिकायत कर सकते हैं, मामला ज्यादा पुराना हो तो आप संस्थान की बजाए पुलिस में जरूर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

किससे करें शिकायत?

  • कानून के मुताबिक, जिस संस्थान में दस से ज्यादा कर्मचारी हों, वहां पर इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी या पॉश कमेटी बनाना जरूरी है।
  • कमेटी की अध्यक्ष कंपनी की सीनियर महिला कर्मचारी होगी।
  • कमेटी में 50% महिलाएं होना जरूरी।
  • कंपनी में बनी पॉश कमेटी की जानकारी जैसे, सदस्यों के नाम और नंबर दफ्तर में किसी ऐसी जगह डिस्प्ले पर लगी होगी जहां आसानी से महिला कर्मचारी इसे देख सकें। इसके अलावा ऑफिस में विजिट करने आई कोई महिला भी इसे देख सके।
  • कमेटी में एक महिला सदस्य महिलाओं से जुड़े किसी एनजीओ से होगी, जिसे एक्सटर्नल मेंबर कहते हैं।
  • 10 से कम कर्मचारियों वाली कंपनी में ऐसी कमेटी जरूरी नहीं, ऐसे में कलेक्ट्रेट में बनी लोकल कंप्लेंट्स कमेटी में शिकायत कर सकते हैं। डोमेस्टिक हेल्पर और महिला मजदूर भी इसी कमेटी में शिकायत कर सकते हैं।
  • लोकल पुलिस से शिकायत कर सकती हैं।
  • न्यायालय में भी शिकायत कर सकते हैं।

मरीज या मुवक्किल से यौन शोषण वर्कप्लेस हैरेसमेंट के दायरे में
महिला मरीज या मुवक्किल या कोई भी प्रोफेशनल सर्विस लेने वाली महिला के साथ हुआ उत्पीड़न वर्कप्लेस हैरेसमेंट के दायरे में आएगा।

महिला अनुमति दे तो मजाक और घूमना-फिरना भी सही

  • महिला कर्मचारी के साथ आप उसकी सहमति से मजाक कर सकते हैं।
  • महिला के साथ चाय-कॉफी पी सकते हैं या फिर खाना भी खा सकते हैं।

By RIGHT NEWS INDIA

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