Uttar Pradesh News: झांसी में एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ने अपनी लिव-इन पार्टनर की सुनियोजित हत्या की है। आरोपी राम सिंह परिहार ने प्रीति नामक महिला को मारने के बाद शव के टुकड़े किए। फिर उन टुकड़ों को अपने कमरे में एक सप्ताह तक जलाया। बची हुई हड्डियों और राख को उसने एक बॉक्स में भर दिया। यह बॉक्स एक ऑटो ड्राइवर की सूचना पर पुलिस के हाथ लगा।
इस मामले ने दिल्ली के श्रद्धा वॉकर हत्याकांड की याद ताजा कर दी है। पुलिस ने आरोपी राम सिंह और उसके बेटे को हिरासत में ले लिया है। आरोपी ने पैसे के झगड़े को हत्या का कारण बताया है। जांच अधिकारी फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
आरोपी की पृष्ठभूमि और संबंध
राम सिंह परिहार एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी हैं। वह झांसी के ब्रह्मनगर कॉलोनी इलाके का निवासी है। उसकी दो शादियां हुई हैं। पहली पत्नी अलग रहती है जबकि दूसरी पत्नी गीता उसी घर में रहती है। प्रीति नामक महिला उसकी लिव-इन पार्टनर थी।
दोनों लहर गांव में एक किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार प्रीति लगातार राम सिंह से पैसे मांगती रहती थी। उसने लाखों रुपये ले लिए थे। इसी वजह से दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। यह तनाव हत्या का कारण बना।
हत्या की भयावह विधि
हत्या लगभग सात जनवरी को हुई बताई जा रही है। राम सिंह ने प्रीति को लहर गांव के कमरे में बुलाया। वहां उसने उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को उसी कमरे में छिपा दिया गया। कुछ दिन बाद शव से बदबू आने लगी। इसके बाद आरोपी ने शव के टुकड़े कर दिए।
फिर उसने इन टुकड़ों को जलाना शुरू कर दिया। यह प्रक्रिया लगातार सात दिनों तक चली। उसने अपने बेटे से लकड़ियां मंगवाईं। बेटे नीतिन पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप है। उसने पिता की इस योजना में सहयोग किया।
सबूत मिटाने की नाकाम कोशिश
सोलह या सत्रह जनवरी की रात आरोपी ने बची हुई हड्डियां एकत्र कीं। उसने इन्हें एक नीले रंग के बॉक्स में भर दिया। बदबू रोकने के लिए बॉक्स में पानी भी डाला गया। सत्रह जनवरी की रात उसने एक टैक्सी बुक की। बॉक्स को टैक्सी में रखवा दिया।
उसने ड्राइवर से मिनर्वा चौराहे तक बॉक्स ले जाने को कहा। खुद वह बाइक से पीछे आने लगा। लेकिन रास्ते में ही वह गायब हो गया। टैक्सी ड्राइवर जय सिंह पाल को बॉक्स से बदबू और टपकता पानी महसूस हुआ। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने बॉक्स खोलकर जांच की। अंदर जले हुए शव के अवशेष मिले। फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। सबूत एकत्र किए गए। पुलिस आरोपी के घर पहुंची। वहां से और सबूत बरामद हुए। राम सिंह और उसके बेटे को हिरासत में लिया गया।
दोनों ने पूछताछ में अपना अपराध कबूल किया है। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि जांच जारी है। हत्या और सबूत मिटाने के आरोप लगाए गए हैं। डीएनए टेस्ट से पीड़िता की पहचान की पुष्टि होगी। फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
श्रद्धा वॉकर केस से समानता
यह मामला दिल्ली के श्रद्धा वॉकर हत्याकांड जैसा लगता है। उस मामले में भी आफताब पूनावाला ने अपनी पार्टनर की हत्या की थी। उसने शव के पैंतीस टुकड़े किए थे। टुकड़ों को फ्रिज में रखा गया था। दोनों मामलों में लिव-इन संबंध और पैसों का झगड़ा कारण है।
दोनों ही मामलों में आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। झांसी मामले में शव को जलाया गया जबकि दिल्ली मामले में फ्रिज में रखा गया। ये घटनाएं समाज में बढ़ रही क्रूरता को दर्शाती हैं। पुलिस ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रही है।
परिवार के सदस्यों के बयान
आरोपी की दूसरी पत्नी गीता ने पुलिस को जानकारी दी है। उसने बताया कि राम सिंह ने खुद हत्या का कारण बताया था। प्रीति उससे पैसे मांगती थी और ब्लैकमेल करती थी। इसी वजह से उसने हत्या कर दी। पुलिस प्रीति के पूर्व पति से भी बातचीत कर रही है।
इससे घटना के पीछे के अन्य कारण सामने आ सकते हैं। पुलिस पीड़िता के परिवार से भी संपर्क स्थापित करेगी। यह मामला रिश्तों में बढ़ती हिंसा की ओर इशारा करता है। कानून अपना काम करेगा और न्याय सुनिश्चित होगा।

