नालागढ़ की महादेव खंड में इन दिनों सरकारी भूमि पर खनन माफिया द्वारा धड़ल्ले से  खनन किया जा रहा है और वही प्रशासन को मालूम होने के बावजूद भी अधिकारी अपने दफ्तरों में आंख मूंदे कर बैठे है। खनन  माफियाओं ने सरकारी भूमि पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे डाल रखे हैं। यहां तक की सरकारी भूमि पर लगे पेड़ों को भी उखाड़ कर फेंक दिया है। खनन माफियाओं से  ग्रामीण काफी परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी द्वारा खनन करते हैं। लेकिन जब इसकी जानकारी प्रशासन को देते हैं। मगर अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने की बजाय उन्हें सूचित कर दिया जाता है और फिर माफिया अपनी मशीनें लेकर वहां से भाग जाते हैं। जिसके चलते आज ग्रामीणों ने खुद जोखिम उठाकर खुद खनन के बारे में पता लगा कर सभी ग्रामीणों को इकट्ठा कर खंड में खनन कर रही, जेसीबी को जब रोकने की कोशिश की तो जेसीबी चालक ने ग्रामीण पर ही जेसीबी चढ़ाने की कोशिश की।

लेकिन सभी ग्रामीणों ने उसको चारों तरफ से घेर लिया, जेसीबी और ट्रैक्टर को मौके पर ही पकड़ लिया फिर ग्रामीणों ने उसके बाद दभोटा थाना और माइनिंग अधिकारी को सूचित किया। इसके बाद पुलिस और माइनिंग अधिकारी मौके पर पहुंचे वही पुलिस ने एक ट्रैक्टर और एक जेसीबी को हिरासत में ले लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि खंड के साथ लगते क्रेशर के  मालिक द्वारा यह खनन करवाया जा रहा है और क्रेशर की जितनी भी गाद वाली मिट्टी होती है। उसे भी नदी में छोड़ा जा रहा है। जिससे नदी का पानी भी दूषित हो गया है और नदी में सभी जगह दलदल बन गया है। जिसके कारण पशु चराने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो पशु उस दलदल में फंस भी चुके हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इन खनन माफियाओं पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए और साथ ही जो अधिकारी इन माफियाओं के साथ जुड़े हैं उन पर भी सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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