नगर निगम चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी के नेला, पैलेस, तल्याहड, सुहडा और समखेतर वार्डों में जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि इनके नेताओं की नीयत ही साफ नहीं है। यही कारण है कि इस पार्टी पर से लोगों का विश्वास खत्म हो चुका है। भाजपा ने पिछले सवा 3 वर्षों में सभी चुनाव जीते हैं। जो लोग प्रदेशभर में पंचायत का एक वार्ड तक नहीं बना सके वे आज नए जिले बनाने का शगूफा फैंक रहे हैं जो बड़ा ही हास्यास्पद है। विपक्षी दल आज नगर निगम को लेकर भ्रम फैला रहे हैं।

अपने बेटे और पिता के आगे विवश हैं अनिल शर्मा

सीएम के निशाने पर सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा और उनका परिवार भी रहा। उन्होंने कहा कि यूं तो अनिल शर्मा हमारी पार्टी के जिताए विधायक हैं लेकिन वह अपने बेटे और पिता के आगे विवश हैं। इनको परिवार की चिंता है और हमें मंडी के विकास की। सुना काम तो वह चुनाव में कर रहे हैं पर हमारा नहीं। रात के अंधेरे में कांग्रेस पार्टी का काम कर रहे हैं। मेरी उनको चुनौती है वह दिन के उजाले में काम करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि परिवार कहता है कि हम वल्र्ड के कई देशों में घूमे हैं, हमारे परिवार के पास विजन है। भाई मैं तो एक बार ही मुख्यमंत्री बनने के बाद विदेश गया और काम करके दिखा दिया है।

मंडी के हमेशा ही ऋणी रहेंगे

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि मंडी के वह हमेशा ही ऋणी रहेंगे और कभी भी मंडी के कर्ज को नहीं चुका सकते। मैंने अपने जीवन का बड़ा ही महत्वपूर्ण समय इस शहर में गुजारा है और इस शहर ने उन्हें सब कुछ दिया है। अब मेरी बारी है कि इस क्षेत्र का कुछ ऋण मैं उतारने का प्रयास करूं। सदर से भारतीय जनता पार्टी का विधायक हमने दिया था परंतु उन्होंने सदर की जनता की जगह अपने परिवार को चुना। निगम का मेयर ही विधायक की इस कमी को पूरा कर देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अब निर्णय लिया है कि 5 साल तक निगम में नए जुड़े क्षेत्रों से कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा। यही नहीं, जो ग्रामीण क्षेत्र नगर निगम में नहीं रहना चाहते हैं वे नई जनगणना में जब शहर की आबादी निर्धारित मापदंड के अनुसार पूरी हो जाएगी तो वे इससे बाहर हो सकते हैं।

कांग्रेस ने मारी धौंस तो करवाए पार्टी चिन्हों पर चुनाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता बार-बार धौंस जमा रहे थे कि यदि मुख्यमंत्री में दम है तो नगर निगमों के चुनाव पार्टी चिन्हों पर करवा कर देखें। उनकी धौंस का ही यह जवाब है कि हम पार्टी चिन्हों पर चुनाव करवा रहे हैं। इसके लिए विधानसभा में बिल लाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी चिन्हों पर चुनाव न होते तो हम भी शायद प्रचार में नहीं आते।

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