बल्ह को बर्बाद करने के मकसद से लिडार सर्वे के माध्यम से एकतरफा चल रहे हैं जय राम ठाकुर: संघर्ष समिति

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जयराम सरकार बल्ह को पूरी तरह से बर्बाद करने के मकसद से वेप्कोस कंपनी दुबारा एयरपोर्ट बनाने हेतु लिडार (लेसर) के माध्यम से सर्वे करवा कर जल्दी से उनके ड्रीम परियोजना का खाखा तैयार करके व अपने सपने को पूरा करने कि जिद पर अड़े हुए है। बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष, जोगिन्दर वालिया व सचिव नन्द लाल वर्मा ने हैरानी जताते हुए कहा कि 2019 में ओएलएस दुबारा जो सर्वे किया जा चूका है, उसके अनुसार 2150 मीटर रनवे व ATR-72 सीटर छोटा हवाई जहाज घरेलु उडान के लिए ही प्रस्तावित है और अगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बोइंग 320 के लिए बनाना है तो उसके लिए 3150 मीटर लम्बी हवाई पट्टी बनानी पड़ेगी। उसके लिए ओएलएस सर्वे के अनुसार सुंदरनगर की पहाड़िया (बंदली धार) 500 मीटर तक काटनी पड़ेगी, जो की कभी भी संभव नहीं है।

अब दूसरी तरफ मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर अब नए सिरे से 5 करोड़ खर्च कर लिडार सर्वे के माध्यम से हर हालत में अपने ड्रीम परियोजना को पूरा करना चाहते है। जो कि कभी भी संभव नहीं है और हम पूछना चाहते है कि बल्ह की उपजाऊ भूमि में ही घरेलु उडान के लिए हवाई अड्डे का निर्माण क्यों किया जा रहा है। अतः मांग की जाती है कि इसे गैर उपजाऊ जमीन पर कही दूसरी जगह बनाया जाए।

सरकार से मांग की जाती है कि प्रस्तावित लिडार सर्वे को मंडी जिला में ऐसी जगह करवाया जाए जंहा पर बिना पहाड़ काटे कम लागत से, बिना किसानों को उजाड़े 3150 मीटर हवाई पट्टी में ड्रीम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण किया जा सके, उस जगह पर सर्वे करवाया जाए। अन्यथा प्रस्तावित 72 सीटर हवाई जहाज के लिए मंडी जिला या दूसरी उपयुक्त जगह में बनाया जाए।

समिति के सचिव नन्द लाल ने कहा कि बल्ह में प्रस्तावित हवाई अड्डा क्षेत्र में आठ गांव सियांह, टान्वा , जरलू , कुम्मी , छात्तरू , ढाबण, भौर, डुंगराइ के लगभग 2500 स्थानीय परिवार प्रभावित हो रहे हैं। जिनकी आबादी 12000 से अधिक है और अधिकतर किसान प्रस्तावित हवाई अड्डे की वजह से भूमिहीन तथा विस्थापित हो जायेंगे।बल्ह क्षेत्र का नामोनिशान ही मिट जायेगा। बल्ह की जनता जो नकदी फसले उगा कर जीवन चला रही है, उन्हें बेरोजगारी का दंश झेलना पड़ेगा तथा पूरी तरह से तबाह हो जायेंगे। समिति ने हैरानी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जोकि अपने आप भी किसान है, वह बल्ह के किसानो की उपजाऊ जमीन को बरबाद करने पर क्यों तुले हुए है। जबकि जिला में गैर उपजाऊ जमीन में हवाई अड्डे को बनाया जा सकता है।

समिति का मानना है कि जय राम सरकार एकतरफा फैसला बल्ह के किसानों के उपर थोप रही है, जिसे कदापि सहन नहीं किया जाएगा। बल्ह के सभी गावों में जन-संपर्क अभियान चलाया जाएगा और सरकार के खिलाफ संघर्ष की रुपरेखा तेयार की जाएगी। सरकार से मांग की जाती है कि प्रस्तावित हवाई अड्डे को किसी दूसरी जगह बनाया जाये और इस क्षेत्र की उपजाऊ भूमि को हर हाल में बचाया जाए।

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