Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में शनिवार को श्रद्धा का अनुपम नजारा दिखा। चैत्र मास के पावन मेलों का विधिवत शुभारंभ पारंपरिक रस्मों और भारी उत्साह के साथ हुआ। बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने प्राचीन परंपरा का पालन करते हुए झंडा रस्म अदा की। इसके साथ ही एक महीने तक चलने वाले इन मेलों की औपचारिक शुरुआत हो गई। पूरा कस्बा इस समय भक्ति के रंग में डूबा है और चारों ओर बाबा जी के जयकारे गूंज रहे हैं।
वैदिक मंत्रोच्चारण और कन्या पूजन से शुरुआत
चैत्र संक्रांति के शुभ अवसर पर पुजारियों ने बाबा बालक नाथ के अखंड धूने में आहुतियां डालीं। शंख ध्वनि और मंत्रोच्चारण के बीच वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। उपायुक्त राहुल कुमार, एडीसी ओमकांत ठाकुर और एसडीएम आर्शिया शर्मा ने विधिवत कन्या पूजन किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। यह मेला 14 मार्च से शुरू होकर 13 अप्रैल तक चलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा जी के दर पर शीश नवाएंगे।
सुरक्षा के लिए अभेद्य चक्रव्यूह: 5 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को 5 सेक्टरों में विभाजित किया है। एसडीएम झंडूता आर्शिया शर्मा को मेला अधिकारी और डीएसपी विशाल वर्मा को पुलिस मेला अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए 50 पुलिस जवान और 100 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
भक्तों के लिए सख्त नियम और विशेष सुविधाएं
प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए मेले में ढोल-नगाड़ों और लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। रेहड़ी-फड़ी लगाने और भीख मांगने वालों पर भी सख्ती बरती जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर न्यास ने प्रतिदिन दो समय के निशुल्क लंगर का प्रबंध किया है। इस अवसर पर प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ-साथ मंदिर न्यास के सदस्य और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

