World News: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनका देश ड्रग तस्करी रोकने के लिए अमेरिका से बातचीत करने को पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने वेनेजुएला के तेल सेक्टर में अमेरिकी निवेश का भी स्वागत किया है। हालांकि, हाल ही में सीआईए (CIA) से जुड़े एक ड्रोन हमले पर उन्होंने फिलहाल कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
तेल के बदले निवेश का खुला प्रस्ताव
निकोलस मादुरो ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका की नजर उनके देश के विशाल तेल भंडार पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका को तेल चाहिए, तो उसे निवेश करना होगा। उन्होंने अमेरिकी कंपनी शेवरॉन का उदाहरण दिया। शेवरॉन अभी वेनेजुएला से कच्चा तेल निकाल रही है। मादुरो ने कहा कि अमेरिकी कंपनियों के लिए निवेश के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
ड्रग तस्करी पर गंभीर बातचीत की जरूरत
राष्ट्रपति मादुरो ने ड्रग तस्करी को एक गंभीर मुद्दा माना है। उन्होंने कहा कि वह इस समस्या को सुलझाने के लिए अमेरिका के साथ तथ्यों पर आधारित बातचीत करना चाहते हैं। उनका मानना है कि धमकी और ताकत से बात नहीं बनेगी। उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों को भी यह संदेश भिजवाया है कि वेनेजुएला सहयोग के लिए तैयार है। अब दोनों देशों को पुरानी बातें छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए।
ट्रंप का सख्त रवैया और सैन्य कार्रवाई
मादुरो ने आरोप लगाया कि अमेरिका उनकी सरकार को बदलना चाहता है। उन्होंने कहा कि कैरेबियन सागर में अमेरिकी सेना की तैनाती उन पर दबाव बनाने के लिए है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को सही ठहराया है। अमेरिकी सेना ने ड्रग्स ले जा रही 35 नावों पर हमला किया है। इन हमलों में अब तक 115 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें वेनेजुएला के नागरिक भी शामिल हैं।
ड्रोन हमले पर साधी चुप्पी
दोनों देशों के बीच तनाव का एक कारण हालिया ड्रोन हमला भी है। यह हमला वेनेजुएला के एक बंदरगाह इलाके में हुआ था। इसे सीआईए की कार्रवाई माना जा रहा है। यह पहली बार है जब वेनेजुएला की धरती पर सीधे तौर पर ऐसा हमला हुआ है। जब मादुरो से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह कुछ दिनों बाद इस पर अपनी बात रखेंगे।
