मंगलवार, जनवरी 13, 2026
9.7 C
London

क्या 14 जनवरी को खिचड़ी खाना है पाप? जानिए एकादशी के पेच में फंसी संक्रांति का सही मुहूर्त

Ujjain News: हर साल मकर संक्रांति की तारीख को लेकर 14 और 15 जनवरी के बीच उलझन बनी रहती है। लेकिन, इस बार मामला थोड़ा और पेचीदा हो गया है। 14 जनवरी को एकादशी तिथि पड़ रही है। इस संयोग ने श्रद्धालुओं को धर्मसंकट में डाल दिया है। मकर संक्रांति को खिचड़ी का पर्व भी कहा जाता है, लेकिन एकादशी पर चावल खाना वर्जित होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस साल खिचड़ी खानी चाहिए या नहीं? विद्वानों ने इस कन्फ्यूजन को दूर करते हुए शास्त्र सम्मत उपाय बताए हैं।

मकर संक्रांति 14 को मनाएं या 15 को?

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और वैदिक नियमों के जानकर दुर्गेश तारे ने इस संशय को दूर किया है। उनके अनुसार, इस बार मकर संक्रांति का प्रवेश 14 जनवरी की दोपहर 3 बजकर 16 मिनट पर होगा। हालांकि, हिंदू धर्म में किसी भी पर्व की शुरुआत उदया तिथि (सूर्योदय के समय वाली तिथि) से मानी जाती है। संक्रांति पर सुबह के स्नान का विशेष महत्व होता है। 14 तारीख को संक्रांति दोपहर बाद लग रही है, इसलिए पुण्य काल 15 जनवरी की सुबह तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, बुधवार के बजाय गुरुवार, 15 जनवरी को यह पर्व मनाना ज्यादा उत्तम है।

यह भी पढ़ें:  सर्दियों के स्नैक्स: बेसन से हटकर सूजी से बनाएं ये चार आसान और टेस्टी रेसिपी

एकादशी पर चावल खाने का नियम

सबसे बड़ी दुविधा खिचड़ी खाने को लेकर है। यदि आप 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मना रहे हैं, तो विशेष सावधानी बरतें। इस दिन एकादशी है। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन चावल पकाना और खाना पूर्णतः निषेध है। दुर्गेश तारे सलाह देते हैं कि 14 तारीख को आप खिचड़ी या चावल का न तो भोग लगाएं और न ही इसे प्रसाद रूप में ग्रहण करें। इस दिन उपवास रखें या फलाहार करें। अगले दिन 15 जनवरी को पारण करके ही अन्न ग्रहण करें। यदि आप 15 जनवरी को पर्व मनाते हैं, तो उस दिन द्वादशी होगी। उस दिन चावल खाना और खिलाना दोनों ही विशेष फलदायक रहेगा।

क्या 14 जनवरी को चावल दान कर सकते हैं?

खाने को लेकर नियम सख्त हैं, लेकिन दान को लेकर छूट है। ज्योतिषाचार्य स्पष्ट करते हैं कि 14 तारीख को एकादशी होने के बावजूद आप कच्चे चावल का दान कर सकते हैं। चावल को ब्रह्म अन्न माना गया है। मकर संक्रांति पर खिचड़ी (दाल-चावल) के दान का बहुत बड़ा महात्म्य है। आप 14 जनवरी को बिना किसी संकोच के दाल, चावल, तिल और गुड़ का दान करें। यह दान आपके लिए पुण्यकारी साबित होगा।

यह भी पढ़ें:  Nulla id sem libero

इन चीजों के दान से मिलेगा पुण्य

सनातन धर्म में मकर संक्रांति को दान-पुण्य के लिए साल का सबसे श्रेष्ठ दिन माना जाता है। इस दिन किया गया दान कई गुना होकर वापस मिलता है। आप इस दिन तिल, गुड़, गजक और मूंगफली का दान कर सकते हैं। सर्दी के मौसम को देखते हुए जरूरतमंदों को गर्म वस्त्र, कंबल या स्वेटर देना बहुत शुभ होता है। इसके अलावा, अपनी क्षमता के अनुसार बर्तन और रुपयों का दान भी किया जा सकता है। कोशिश करें कि 15 जनवरी को भी स्नान के बाद कुछ न कुछ दान अवश्य करें।

Hot this week

Related News

Popular Categories