World News: अमेरिका और ईरान के बीच जंग के बादल खतरनाक रूप ले चुके हैं। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में हत्याएं रुक रही हैं और फांसी की कोई योजना नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, यूरोप के वरिष्ठ अधिकारियों ने आशंका जताई है कि अमेरिका अगले 24 घंटों में ईरान पर हवाई हमला कर सकता है। इजरायल के अधिकारियों को भी लगता है कि ट्रंप ने सैन्य दखल का मन बना लिया है। तनाव को देखते हुए अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के अपने सैन्य ठिकानों से स्टाफ को हटाना भी शुरू कर दिया है।
ईरान का एयरस्पेस बंद, जंग की तैयारी?
हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) अचानक बंद कर दिया है। बेहद खास अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को छोड़कर सभी फ्लाइट्स रोक दी गई हैं। ईरान ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो आसपास के देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को तबाह कर दिया जाएगा। यह पाबंदी कुछ घंटों के लिए है, लेकिन इसने दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
समुद्र में बढ़ा अमेरिका का ‘बाहुबली’ जहाज
जंग की खबरों के बीच अमेरिकी नौसेना ने भी बड़ी हलचल शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ (USS Abraham Lincoln) अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ दक्षिण चीन सागर से मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस मूवमेंट में एक हफ्ते का समय लग सकता है। ट्रंप ने कहा है कि वह हालात पर नजर रखे हुए हैं और ईरान को गलती करने पर भारी कीमत चुकानी होगी।
मौत के आंकड़ों ने डराया
ट्रंप भले ही शांति का दावा कर रहे हों, लेकिन मानवाधिकार संगठनों के आंकड़े खौफनाक हैं। ‘ईरान ह्यूमन राइट्स’ के मुताबिक, अब तक 3,428 लोग मारे जा चुके हैं और 10,000 से ज्यादा गिरफ्तार हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा बल सीधे प्रदर्शनकारियों के सिर और सीने पर गोलियां चला रहे हैं। यह प्रदर्शन ईरान के 180 शहरों में फैल चुके हैं, जो 1979 की क्रांति के बाद सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
