International News: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बादल अचानक छठ गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बैकडोर से अयातुल्लाह खामेनेई के साथ एक बड़ा समझौता कर लिया है। खबर है कि ट्रम्प ने रात 1 बजे तेहरान में संपर्क किया और ऐलान किया कि वह ईरान पर हमला नहीं करेंगे। हालांकि, इस हमले को रोकने के लिए ट्रम्प ने एक शर्त रखी थी। ईरान ने भी सूरज निकलते ही उस शर्त को पूरा कर दिया। इस पूरी ‘सीक्रेट डील’ का खुलासा एक ईरानी राजदूत ने किया है।
राजदूत ने खोला रात का राज
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदाम ने इस बड़े राज से पर्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि ट्रम्प ने व्हाइट हाउस से रात करीब 1 बजे एक गुप्त संदेश भिजवाया। इसमें साफ कहा गया, ‘हम ईरान पर हमला नहीं करना चाहते हैं।’ हालांकि, अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी कि तेहरान हालात को काबू में रखे और अमेरिकी हितों को नुकसान न पहुंचाए। ट्रम्प प्रदर्शनकारियों को मदद का भरोसा दे रहे थे, लेकिन पीछे से उन्होंने सरकार से डील कर ली।
ट्रम्प की शर्त और ईरान की रजामंदी
हमला रोकने के बदले ट्रम्प ने खामेनेई के सामने एक बड़ी शर्त रखी। उन्होंने मांग की कि जिन प्रदर्शनकारियों को फांसी दी जानी है, उनकी सजा तुरंत रद्द की जाए। यह संदेश मिलते ही ईरानी अधिकारियों में खलबली मच गई। यह मैसेज पाकिस्तान में मौजूद ईरानी दूत तक भी सर्कुलेट किया गया। सुबह होते ही ईरान ने ऐलान कर दिया कि प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी गई है। शर्त पूरी होते ही ट्रम्प ने भी हमले का प्लान कैंसिल कर दिया।
इंटरनेट बंद, 3400 से ज्यादा मौतें
भले ही अमेरिकी हमला टल गया हो, लेकिन ईरान के अंदरूनी हालात बेहद डरावने हैं। मानवाधिकार संगठनों ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उनके मुताबिक, हिंसा में अब तक 3,428 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, ईरान में पिछले एक हफ्ते से इंटरनेट पूरी तरह ठप है। दुनिया को वहां की असल स्थिति की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
