International News: ईरान के कई हिस्सों में हिंसा की आग भड़क चुकी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई ने कसम खाई है कि वे देश को सुलगाने वालों को छोड़ेंगे नहीं। ईरान ने सीधा आरोप लगाया है कि इस हिंसा के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। तेहरान को इसके पुख्ता सबूत मिल चुके हैं। सबूत सामने आते ही ईरान ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
पाकिस्तान ने पीठ में घोंपा खंजर?
ईरान का कहना है कि इस पूरे बवाल की साजिश अमेरिका, इजरायल और पाकिस्तान ने मिलकर रची है। तेहरान का दावा है कि पाकिस्तान ने अयातुल्लाह खामेनेई की पीठ में खंजर घोंपा है। ईरान में हुई हजारों मौतों के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में हालात काबू में आते ही खामेनेई पाकिस्तान से हिसाब बराबर करेंगे। ईरान का मानना है कि हिंसा की चिंगारी सरहद पार यानी पाकिस्तान से आई है।
सीक्रेट ऑपरेशन में मिले हथियार
ईरान की एलीट मिलिट्री यूनिट (IRGC) ने बड़े पैमाने पर सीक्रेट ऑपरेशन चलाए हैं। आईआरजीसी के कमांडो ने सादे कपड़ों में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सेना का दावा है कि पकड़े गए लोग आम प्रदर्शनकारी नहीं हैं। ये सुपारी लेकर हत्या करने वाले हमलावर थे। ईरानी एजेंसियों को इन संदिग्धों के पास से चौंकाने वाले सामान मिले हैं। इनके पास से ऑटोमेटिक हथियार और हैंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं, जो बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं।
फंसे हैं हजारों भारतीय
ईरान के बिगड़ते हालात को देखते हुए वहां फंसे भारतीयों की चिंता बढ़ गई है। हजारों भारतीय छात्र वहां अटक गए हैं। असदुद्दीन ओवैसी और उमर अब्दुल्ला ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भारतीयों को जल्द से जल्द एयरलिफ्ट करके वापस लाया जाए।
