Doha News: खाड़ी देशों में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। कतर ने अमेरिका को साफ शब्दों में चेतावनी दी है। कतर ने कहा है कि अगर अमेरिका ने उसके पड़ोसी देश ईरान पर हमला किया, तो इसके परिणाम ‘विनाशकारी’ होंगे। कतर के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को दो टूक कहा कि हम क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव नहीं चाहते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी चरम पर है।
अमेरिका के हमले का डर और पुराना दर्द
कतर की यह घबराहट बेवजह नहीं है। दरअसल, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के जवाब में हवाई हमले की धमकी दी है। कतर को डर है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो ईरान भी चुप नहीं बैठेगा। पिछले साल जून में जब अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर बमबारी की थी, तब ईरान ने जवाब में कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे ‘अल उदीद’ को निशाना बनाया था। दोहा को आशंका है कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है और उनकी जमीन जंग का मैदान बन सकती है।
सुलग रहा है ईरान, हजारों की मौत
ईरान इस समय गृहयुद्ध जैसे हालात से गुजर रहा है। देश भर में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों में अब तक करीब 2000 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें सुरक्षाकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। मानवाधिकार संगठन ‘ईरान ह्यूमन राइट्स’ (IHR) ने दावा किया है कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा, लगभग 6000 हो सकता है। व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई को रोकने के लिए हवाई हमलों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
ईरान की खुली धमकी- ‘अमेरिकी जहाज होंगे हमारा निशाना’
अमेरिका की धमकियों पर ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने सरकारी टीवी पर अमेरिका को सीधा जवाब दिया। उन्होंने साफ कहा कि अगर उन पर हमला हुआ तो वे पलटवार करेंगे। गालिबाफ ने चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना और उनके जहाज ईरान के लिए ‘वैध लक्ष्य’ होंगे। इस बयान के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।
बातचीत का रास्ता अब भी खुला
भारी तनाव के बीच शांति की उम्मीदें भी जिंदा हैं। कतर और कुवैत लगातार कूटनीतिक हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा कि हम अभी भी मानते हैं कि बातचीत से रास्ता निकल सकता है। हम अपने पड़ोसियों और भागीदारों के साथ मिलकर समाधान खोज रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ निजी बातचीत में काफी सख्त लहजा अपनाया है।
