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ईरान संकट: अमेरिका ने जारी की एडवाइजरी, प्रदर्शनों में मरने वालों का आंकड़ा 646 पहुंचा

International News: अमेरिका ने ईरान के मौजूदा हालात को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि देश भर में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक हो सकते हैं। इससे गिरफ्तारी और चोट लगने का खतरा है। अमेरिकी नागरिकों को इंटरनेट बाधित होने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

साथ ही उन्हें संचार के वैकल्पिक साधनों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि सुरक्षित हो तो सड़क मार्ग से आर्मेनिया या तुर्की जाने पर विचार करें। ईरान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई सड़कें बंद हैं। सार्वजनिक परिवहन भी बाधित है।

प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़ी

मानवाधिकार कार्यकर्ताओंने नया आंकड़ा जारी किया है। उनके अनुसार ईरान के देशव्यापी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या कम से कम 646 हो गई है। यह आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यह जानकारी एक अमेरिकी मानवाधिकार समाचार एजेंसी ने दी है।

यह एजेंसी ईरान के अंदर कार्यकर्ताओं के नेटवर्क पर निर्भर करती है। यह नेटवर्क मौतों की पुष्टि करता है। ईरान में संचार बाधित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय मीडिया इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर पाई है। ईरान सरकार ने अभी तक हताहतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

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ईरान ने तीन दिन के शोक की घोषणा की

ईरानीसरकार ने तीन दिन के राष्ट्रव्यापी शोक की घोषणा की है। यह शोक अशांति के दौरान मारे गए पुलिस अधिकारियों और नागरिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए है। ईरान की एक समाचार एजेंसी के अनुसार पिछले दो हफ्तों में कम से कम 111 सुरक्षा बल के जवान मारे गए हैं।

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आपसी सम्मान के आधार पर बातचीत की बात कही।

अमेरिका और इजराइल पर लगाया आरोप

ईरानीविदेश मंत्री ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए। अराघची ने कहा कि ईरान में हाल की अशांति में इन देशों की प्रत्यक्ष भूमिका है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के पास इस बात के सबूत हैं। इन आरोपों में पुलिस स्टेशनों पर हमला और सार्वजनिक सुविधाओं को जलाना शामिल है।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका और इजराइल समर्थित आतंकवादियों द्वारा की गई थी। ईरानी अधिकारी लगातार बाहरी हस्तक्षेप का आरोप लगा रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें ईरान पर टिकी हैं।

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ईरान में इंटरनेट और यातायात बाधित

ईरान सरकार नेसंचार पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। मोबाइल, लैंडलाइन और राष्ट्रीय इंटरनेट नेटवर्क तक पहुंच प्रतिबंधित कर दी गई है। एक पत्रकार की जमीनी रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है। हालांकि घरेलू फोन सेवाएं बाधित नहीं हुई हैं।

कई एयरलाइनों ने ईरान से आने-जाने वाली उड़ानों को सीमित या रद्द कर दिया है। कुछ एयरलाइनों ने 16 जनवरी तक अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। इससे यात्रा करने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग भी आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

ईरान कीस्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मानवाधिकार संगठन ईरान सरकार से हिंसा रोकने का आग्रह कर रहे हैं। वे स्थिति की स्वतंत्र जांच की मांग भी कर रहे हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले कुछ दिन बहुत महत्वपूर्ण होंगे। ईरान सरकार के कदम और प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रिया से स्थिति साफ होगी। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश ईरान पर निगरानी बनाए हुए हैं। कूटनीतिक स्तर पर efforts जारी हैं ताकि हिंसा और नुकसान रोका जा सके।

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