IPL News: आईपीएल 2026 का आयोजन मार्च के अंत से मई तक होने वाला है। इस सीजन में दो बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स अपने पारंपरिक घरेलू मैदानों पर मैच नहीं खेल पाएंगे। दोनों टीमों को नए स्थानों की तलाश है। यह फैसला सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से लिया गया है।
आरसीबी आईपीएल 2025 की विजेता टीम है। उसके जीत के जश्न के दौरान बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। इस घटना के बाद स्टेडियम को आगामी आयोजनों की मंजूरी नहीं मिल पाई है। यहां विजय हजारे ट्रॉफी के मैच भी नहीं हो सके थे।
राजस्थान रॉयल्स की समस्या अलग है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव लंबे समय से नहीं हुआ है। संघ को राज्य सरकार द्वारा नियुक्त एक प्रबंध समिति चला रही है। इस प्रशासनिक उलझन के चलते जयपुर के सवाईमान सिंह स्टेडियम में मैच आयोजित करना मुश्किल है।
आरसीबी के नए घरेलू मैदान
टाइम्स ऑफ इंडियाकी एक रिपोर्ट के अनुसार आरसीबी ने अपने घरेलू मैचों के लिए दो नए वेन्यू फाइनल कर लिए हैं। टीम नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में पांच मुकाबले खेलेगी। साथ ही वह रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दो मैच आयोजित करेगी।
आरसीबी के अधिकारियों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से बैठक की थी। इसके बाद इस व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया है। नवी मुंबई और रायपुर दोनों ही शहरों ने पहले भी आईपीएल मैचों की सफल मेजबानी की है।
राजस्थान रॉयल्स के लिए पुणे का विकल्प
राजस्थान रॉयल्स केलिए पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम को नए घरेलू मैदान के रूप में चुना गया है। एमसीए स्टेडियम एक विश्वस्तरीय स्टेडियम है। यहां पहले भी कई आईपीएल मैच हो चुके हैं। टीम प्रबंधन ने इस स्टेडियम में मैच आयोजित करने के लिए एमसीए अधिकारियों से संपर्क किया था।
दिलचस्प बात यह है कि आरसीबी ने भी शुरुआत में पुणे के स्टेडियम पर विचार किया था। लेकिन बाद में उन्होंने नवी मुंबई और रायपुर को प्राथमिकता दी। इससे पता चलता है कि फ्रेंचाइजी को मेजबानी के लिए उपयुक्त स्थान चुनने में काफी विचार करना पड़ा।
आईपीएल 2026 का समय और प्रभाव
आईपीएल 2026 कासीजन टी20 विश्व कप के बाद शुरू होगा। इसकी संभावित तिथियां मार्च के अंत से लेकर मई के अंत तक हैं। दो टीमों के घरेलू मैदान बदलने से मैच शेड्यूल पर प्रभाव पड़ेगा। आयोजकों को नए स्थानों के हिसाब से फिक्स्चर तैयार करना होगा।
नए शहरों में मैच होने से स्थानीय प्रशासन को भी तैयारी करनी होगी। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सबसे अहम मुद्दे होंगे। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक नया अनुभव होगा। उन्हें अपनी पसंदीदा टीमों को अलग-अलग शहरों में देखने का मौका मिलेगा।
यह बदलाव अस्थायी है। अगले सीजन तक चिन्नास्वामी स्टेडियम की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव प्रक्रिया पर भी निर्णय हो सकता है। फिलहाल दोनों टीमों को दूसरे शहरों में अपना घरेलू माहौल बनाने की चुनौती है।

