New Delhi News: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर सख्त कार्रवाई की है। डीजीसीए ने एयरलाइन पर 22 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई उड़ानों के लगातार रद्द होने और देरी के कारण की गई है। अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। विमानन नियामक ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है।
क्यों गिरी इंडिगो पर गाज?
डीजीसीए ने 31 जनवरी को इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने अपने पायलटों का सही प्रबंधन नहीं किया। इसके चलते फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) नियमों की अनदेखी हुई। पायलटों की कमी के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं या देरी से उड़ीं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन के जवाब की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। जुर्माने की राशि 30 लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से तय की गई है।
जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
जांच में सामने आया कि इंडिगो ने पायलटों की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना ही उड़ानों का शेड्यूल बना दिया था। डीजीसीए ने इसे यात्रियों के अधिकारों का हनन माना है। रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो निर्धारित नियमों के तहत यात्रियों को सुविधाएं देने में विफल रही। अधिकारी ने बड़ी संख्या में पायलटों के अचानक ‘बीमार’ होने की रिपोर्ट को भी एयरलाइन की गैर-जिम्मेदाराना हरकत बताया है।
उड़ानों की संख्या पर भी चली कैंची
सिर्फ जुर्माना ही नहीं, डीजीसीए ने इंडिगो के समर शेड्यूल 2024 पर भी रोक लगा दी है। नियामक ने एयरलाइन की स्वीकृत उड़ानों की संख्या घटा दी है। अब इंडिगो को गर्मी के सीजन के लिए नया शेड्यूल जमा करना होगा। नए आदेश के मुताबिक, एयरलाइन अब सप्ताह में केवल 1758 उड़ानें ही संचालित कर सकेगी। साथ ही, डीजीसीए ने इंडिगो की 30 लाख रुपये की पुरानी बैंक गारंटी जब्त कर ली है। अब उन्हें 30 दिनों के भीतर 50 लाख रुपये की नई गारंटी जमा करनी होगी।
यात्रियों को देना होगा रिफंड
इंडिगो की उड़ानें प्रैट एंड व्हिटनी इंजनों में खराबी के कारण भी प्रभावित रही हैं। कई विमानों को जमीन पर ही खड़ा करना पड़ा था। डीजीसीए ने आदेश दिया है कि एयरलाइन प्रभावित यात्रियों को रिफंड दे। जरूरत पड़ने पर यात्रियों को दूसरी फ्लाइट या होटल की सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी। इंडिगो ने भी माना है कि स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
पहले भी लग चुका है जुर्माना
यह पहली बार नहीं है जब इंडिगो डीजीसीए के निशाने पर आई है। इससे पहले दिसंबर 2023 में भी एयरलाइन पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगा था। तब एक यात्री हवाई पट्टी (टर्मैक) पर बैठकर खाना खाता हुआ दिखा था। उस वक्त भी एयरलाइन स्थिति को संभालने में नाकाम रही थी। डीजीसीए ने अब इंडिगो की निगरानी और कड़ी करने का फैसला किया है।
