रविवार, जनवरी 18, 2026
6.7 C
London

ट्रंप के फैसले पर भारत का करारा जवाब! अमेरिका से आने वाली दालों पर लगाया भारी टैक्स, व्हाइट हाउस तक पहुंची गूंज

New Delhi: अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50 फीसदी आयात शुल्क लगाया था। अब भारत ने इसका करारा जवाब दिया है। भारत ने अमेरिका से आयात होने वाली दालों और फलियों पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। यह फैसला पिछले साल 30 अक्टूबर से ही लागू है। हालांकि, कूटनीतिक तनाव न बढ़े, इसलिए सरकार ने इसका ज्यादा प्रचार नहीं किया था।

अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को लिखी चिट्ठी

भारत के इस सख्त कदम से अमेरिका में खलबली मच गई है। अमेरिका के दो प्रभावशाली सीनेटरों ने राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र लिखा है। नॉर्थ डकोटा के केविन क्रेमर और मोंटाना के स्टीव डेंस ने इस पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने ट्रंप से अपील की है कि वे भारत द्वारा लगाए गए 30 फीसदी टैरिफ को हटवाएं। सांसदों का कहना है कि इस टैक्स से अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। खासकर उन राज्यों के किसान परेशान हैं जहां मटर और मसूर की खेती होती है।

यह भी पढ़ें:  Delhi News: फिर गैस चैंबर बनी राजधानी, 400 के पार पहुंचा AQI, कोहरे ने बढ़ाई मुसीबत

भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल खरीदार

सीनेटरों ने अपने पत्र में भारत की अहमियत का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया में दालों का सबसे बड़ा बाजार है। पूरी दुनिया में जितनी दाल खाई जाती है, उसका 27 फीसदी हिस्सा अकेले भारत में खपत होता है। भारत में मसूर, चना और मटर की भारी मांग रहती है। सांसदों ने कहा कि अमेरिकी पीली दालों पर इतना ऊंचा टैक्स लगाना “अनुचित” है। इससे अमेरिकी किसानों के लिए भारतीय बाजार में टिकना मुश्किल हो गया है।

व्यापार समझौते से पहले रखी शर्त

अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप प्रशासन के सामने एक मांग भी रखी है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ किसी भी नए व्यापार समझौते से पहले अमेरिकी दालों के लिए रास्ता साफ किया जाए। अगर यह मुद्दा नहीं सुलझा, तो अमेरिकी कृषि निर्यात को लंबा नुकसान होगा। अमेरिकी किसान पहले ही वैश्विक बाजार में कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में भारत जैसे बड़े बाजार में एंट्री न मिलना उनके लिए बड़ा झटका है।

यह भी पढ़ें:  तेलंगाना बंद: पिछड़ा वर्ग के 42% आरक्षण की मांग को लेकर जनजीवन ठप, सभी राजनीतिक दलों ने दिया समर्थन

भारत ने क्यों उठाया यह कदम?

यह विवाद काफी पुराना है और अब इसने नया मोड़ ले लिया है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका के 50 फीसदी शुल्क का जवाब है। भारत अपने घरेलू किसानों के हितों की रक्षा करना चाहता है। भारत का तर्क है कि अमेरिका अपने उत्पादों पर सब्सिडी देता है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान होता है। भारत स्पष्ट कर चुका है कि वह व्यापार में बराबरी चाहता है। एकतरफा शर्तें स्वीकार नहीं की जाएंगी।

Hot this week

WWE Royal Rumble 2026: रोमन रेंस को लेकर बड़ी खबर, ट्रिपल एच से न करें ये 3 गलतियां

Sports News: डब्ल्यूडब्ल्यूई रॉयल रंबल दो हजार छब्बीस में...

Related News

Popular Categories