New Delhi News: भारत ने स्टार्टअप की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले देश में सिर्फ 400 स्टार्टअप थे। आज यह संख्या बढ़कर 2 लाख के पार पहुंच गई है। खास बात यह है कि इनमें से आधे स्टार्टअप अब छोटे शहरों (टीयर-2 और टीयर-3) से निकल रहे हैं।
मेट्रो शहरों से बाहर निकलीं कंपनियां
मंत्री जितेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए पुरानी धारणाओं पर चोट की। उन्होंने कहा कि पहले लोग सोचते थे कि स्टार्टअप केवल बड़े महानगरों में ही चल सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। आज देश के आधे स्टार्टअप छोटे शहरों से आ रहे हैं। इनमें से कई कंपनियों की कमान महिलाएं खुद संभाल रही हैं। यह बदलाव नए भारत की तस्वीर पेश करता है।
नौकरी मांगने वाले नहीं, देने वाले बने युवा
सरकार ने पिछले कुछ सालों में एक मजबूत सिस्टम तैयार किया है। मंत्री ने बताया कि अब युवा सरकारी नौकरियों के पीछे भागने के बजाय खुद का काम शुरू कर रहे हैं। वे आय बढ़ाने के नए अवसरों को तलाश रहे हैं। सरकारी योजनाओं ने उन्हें जोखिम लेने और आगे बढ़ने का हौसला दिया है। इससे देश में रोजगार और विकास की अच्छी संभावनाएं पैदा हुई हैं।
खेती और सेहत में भी हो रहा इनोवेशन
इस बदलाव का असर अब जमीन पर भी साफ दिख रहा है। कार्यक्रम में उधमपुर के एक युवा ने बताया कि उसने दिल की सेहत (Heart Health) सुधारने के लिए एक स्टार्टअप शुरू किया है। वहीं, एक छात्रा ने कृषि क्षेत्र में नया प्रयोग किया है। वह चावल की बेहतर किस्मों के लिए एक खास ऐप बना रही है। यह दिखाता है कि युवा हर क्षेत्र में नई और बेहतरीन सोच ला रहे हैं।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि यह 10 साल का सफर सिर्फ एक सरकारी योजना की कहानी नहीं है। यह लाखों युवाओं के सपनों की उड़ान है। पीएम ने याद दिलाया कि एक दशक पहले इनोवेशन के लिए जगह बहुत कम थी। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। स्टार्टअप इंडिया अब एक क्रांति बन गया है।

