India News: अमेरिकी दबाव के बीच भारत ने रूस से तेल खरीद को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश की ऊर्जा नीति किसी बाहरी दबाव में नहीं बदलेगी। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी जुर्माने का प्रस्ताव रखा है। भारत ने साफ किया कि वह अपनी जनता के हित में सस्ता ईंधन खरीदना जारी रखेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के नए बिल ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट 2025’ पर नजर रख रहा है। भारत की ऊर्जा खरीद की नीति पूरी तरह स्पष्ट और स्वतंत्र है। देश वैश्विक बाजार और अपनी जरूरतों के अनुसार निर्णय लेता है।
अमेरिकी बयानों पर भारत की तीखी प्रतिक्रिया
भारत नेअमेरिकी वाणिज्य मंत्री के हालिया बयानों पर कड़ा पलटवार किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की तरफ से पेश की गई जानकारी सटीक नहीं है। भारत ने याद दिलाया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर फरवरी 2025 से चर्चा चल रही है।
कई बार दोनों पक्ष समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके थे। भारत ने स्पष्ट किया कि वह एक संतुलित और लाभकारी डील के लिए तैयार है। बातचीत को जिस तरह पेश किया गया है वह गलत है। भारत और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाएं एक दूसरे की पूरक हैं।
बांग्लादेश में हिंसा पर भारत की गंभीर चिंता
विदेश मंत्रालय नेबांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। भारत ने कहा कि वहां अल्पसंख्यकों और उनके घरों पर बार बार हमले हो रहे हैं। इसे एक खतरनाक पैटर्न करार दिया गया है। दोषियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाना ठीक नहीं है।
भारत ने बांग्लादेश सरकार से तुरंत और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहां के अल्पसंख्यकों में भय और असुरक्षा की भावना गहरी होती जा रही है। सांप्रदायिक घटनाओं को रोकना वहां के प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पीओके में चीन की गतिविधियों पर सख्त रुख
भारत नेपीओके की शक्सगाम घाटी में चीन की गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि यह पूरा क्षेत्र भारत का अटूट हिस्सा है। भारत ने चीन पाकिस्तान के 1963 के सीमा समझौते को पूरी तरह अवैध और अमान्य करार दिया है।
भारत ने चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को भी मान्यता देने से इनकार कर दिया है। यह भारत की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन करता है। भारत ने चेतावनी दी कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है।
मोदी और ट्रंप के बीच आठ बार फोन वार्ता
भारत नेद्विपक्षीय संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी दी है। साल 2025 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने आठ बार फोन पर बात की। इन वार्ताओं में आपसी साझेदारी के कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
इससे साबित होता है कि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच सीधा संवाद कायम है। व्यापारिक समझौतों को लेकर चल रही खींचतान के बीच यह जानकारी काफी अहम है। यह द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर भारत का रुख
अमेरिकाके कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने पर भारत ने संतुलित रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत बहुपक्षवाद का दृढ़ समर्थक है। वैश्विक चुनौतियों का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
मंत्रालय ने इंटरनेशनल सोलर एलायंस की उपलब्धियों को रेखांकित किया। इस गठबंधन ने सौर ऊर्जा के विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। वैश्विक स्थिरता के लिए संवाद और सहयोग अनिवार्य है।

