India News: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। नई ट्रेन समय सारणी टीएजी 2026 के तहत बड़े बदलाव किए गए हैं। पूरे देश में 122 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। साथ ही 549 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई है। इसका मकसद यात्रा का समय कम करना और कनेक्टिविटी बेहतर बनाना है।
इस व्यापक अभियान में सभी रेलवे जोन शामिल हैं। नई ट्रेनों के साथ ही मौजूदा 86 ट्रेन मार्गों का विस्तार किया गया है। आठ ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाई गई है। दस ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी में अपग्रेड किया गया है। यह सभी बदलाव यात्री सुविधा में व्यापक सुधार लाएंगे।
विभिन्न जोन में हुए प्रमुख बदलाव
पूर्वीमध्य रेलवे जोन में सबसे ज्यादा 20 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। उत्तरी रेलवे ने भी 20 नई सेवाएं दी हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे ने 89 ट्रेनों की गति बढ़ाने का रिकॉर्ड बनाया है। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 117 ट्रेनों की गति बढ़ाकर सबसे आगे रहा।
मध्य रेलवे में चार नई ट्रेनें शुरू हुई हैं। वहीं छह ट्रेनों के मार्ग बढ़ाए गए हैं। इस जोन में 30 ट्रेनों की गति में सुधार किया गया है। पूर्वी रेलवे जोन में 32 ट्रेनें तेज चलेंगी। छह नई ट्रेनों ने सेवा शुरू की है।
नई ट्रेनों में शामिल हैं विशेष श्रेणियां
शुरूकी गई 122 नई ट्रेनों में कई विशेष श्रेणियां हैं। इनमें 26 अमृत भारत ट्रेनें शामिल हैं। 28 नई वंदे भारत ट्रेनें भी जोड़ी गई हैं। इसके अलावा 60 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें ने संचालन शुरू किया है।
दो नई हमसफर ट्रेनें और दो जन शताब्दी ट्रेनें भी हैं। दो नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं और दो राजधानी ट्रेनें शामिल हैं। यह विविधता यात्रियों को अधिक विकल्प देगी। हर बजट और जरूरत के अनुसार अब बेहतर सुविधा मिलेगी।
ट्रेनों की गति बढ़ाने का व्यापक प्रभाव
कुल 549 ट्रेनोंकी गति बढ़ाई गई है। इनमें से 376 ट्रेनों का सफर 5 से 15 मिनट कम हुआ है। 105 ट्रेनों की गति 16 से 30 मिनट बढ़ी है। 48 ट्रेनों का यात्रा समय 31 से 59 मिनट तक कम हुआ है।
20 ट्रेनों की गति एक घंटे या उससे अधिक बढ़ाई गई है। इससे लंबी दूरी की यात्रा में काफी समय की बचत होगी। समय की पाबंदी में सुधार से यात्रा अनुभव बेहतर होगा। परिचालन दक्षता में भी वृद्धि होगी।
दक्षिण पश्चिम रेलवे ने सबसे अधिक 117 ट्रेनों की गति बढ़ाई है। इसमें 66 ट्रेनों की गति 5-15 मिनट बढ़ी है। 29 ट्रेनों का सफर 16-30 मिनट कम हुआ है। बारह ट्रेनों की गति 31-59 मिनट तक सुधरी है।
दस ट्रेनों का यात्रा समय एक घंटे से अधिक कम हुआ है। यह डेटा दक्षिण पश्चिम रेलवे की प्रतिबद्धता दिखाता है। यात्री अब तेज और अधिक विश्वसनीय सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
अन्य जोन में गति वृद्धि का विवरण
पश्चिम रेलवेने 80 ट्रेनों की गति बढ़ाई है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने 89 ट्रेनों की गति सुधारी है। दक्षिणी रेलवे में 75 ट्रेनें अब तेज चलेंगी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 36 ट्रेनों की गति बढ़ाई है।
पूर्वी मध्य रेलवे में बारह ट्रेनों की गति बढ़ी है। उत्तर पूर्वी रेलवे ने भी बारह ट्रेनों की गति सुधारी है। मध्य रेलवे में 30 ट्रेनों का परिचालन समय कम हुआ है। पश्चिम मध्य रेलवे ने 27 ट्रेनों की गति बढ़ाई है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बदलाव व्यापक स्तर पर हुए हैं। हर क्षेत्र के यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। छोटे और बड़े मार्गों पर समान ध्यान दिया गया है। इससे राष्ट्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
यात्री सेवाओं में गुणात्मक सुधार
ट्रेनोंकी आवृत्ति बढ़ाने और मार्ग विस्तार से क्षमता में इजाफा हुआ है। यात्रियों को अब अधिक सीटों की उपलब्धता मिलेगी। रूट विस्तार से दूरस्थ इलाके जुड़ेंगे। इससे आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
सुपरफास्ट श्रेणी में अपग्रेड से यात्रा समय कम होगा। गति वृद्धि से ईंधन की बचत और संसाधनों का कुशल उपयोग होगा। नई ट्रेन समय सारणी आधुनिक जरूरतों के अनुरूप है। यह भारतीय रेलवे के विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है।
इन बदलावों का असर यातायात के पैटर्न पर भी पड़ेगा। अंतर्राज्यीय आवाजाही सुगम और तेज होगी। पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी। रेलवे नेटवर्क की क्षमता का अधिकतम उपयोग संभव हो सकेगा।

