World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक उच्च स्तरीय ‘पीस बोर्ड’ के गठन की घोषणा की है। इस बोर्ड का उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति और अस्थायी शासन की निगरानी करना है। इस बोर्ड में भारतीय मूल के अजय बंगा को शामिल किया गया है। बोर्ड की अध्यक्षता स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे।
अजय बंगा दिग्गज बैंकर और विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष हैं। उन्हें वित्तीय रणनीति और वैश्विक नेतृत्व के लिए जाना जाता है। अब वह गाजा के पुनर्निर्माण और प्रशासनिक स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह नियुक्ति भारतीय मूल के पेशेवरों की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है।
अजय बंगा कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि
अजय बंगाएक भारतीय-अमेरिकी व्यवसायिक कार्यकारी हैं। उनका जन्म महाराष्ट्र के खड़की शहर में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने अहमदाबाद के भारतीय प्रबंधन संस्थान से प्रबंधन में डिग्री हासिल की।
वह विश्व बैंक समूह के 14वें अध्यक्ष हैं। उन्हें फरवरी 2023 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा नामित किया गया था। उन्होंने दो जून 2023 को विश्व बैंक के अध्यक्ष का पदभार संभाला। इससे पहले वह मास्टरकार्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे।
विश्व बैंक के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका
विश्व बैंक समूह कीआधिकारिक वेबसाइट के अनुसार अजय बंगा ने महत्वपूर्ण सुधार शुरू किए हैं। उनका लक्ष्य बैंक को तेज, कुशल और प्रभावशाली भागीदार बनाना है। उन्होंने ऋण देने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है। संचालन को सुव्यवस्थित करने का भी प्रयास किया है।
उनके नेतृत्व में विश्व बैंक व्यावहारिक विकास समाधानों पर केंद्रित है। यह समाधान विस्तार योग्य और प्रभावशाली होने चाहिए। उनकी नियुक्ति ने संस्था में नई गति लाने का काम किया है। वैश्विक वित्तीय संस्थानों में उनकी पहचान मजबूत हुई है।
अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य मंडल और अन्य संगठनों में सेवाएं
अजय बंगा2020 से 2022 तक अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य मंडल के अध्यक्ष रहे। उन्होंने अमेरिकन रेड क्रॉस, क्राफ्ट फूड्स और डॉव इंक के बोर्ड में भी सेवाएं दी हैं। वह साइबर रेडीनेस इंस्टीट्यूट के सह-संस्थापक भी हैं। उन्होंने मास्टरकार्ड सेंटर फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ की स्थापना की।
इस केंद्र का उद्देश्य समान और टिकाऊ आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देना है। उनके योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। वर्ष 2016 में उन्हें भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया। सिंगापुर पब्लिक सर्विस स्टार और एलिस आइलैंड मेडल भी मिल चुका है।
गाजा पीस बोर्ड और भविष्य की चुनौतियां
नए गठित पीस बोर्ड काप्राथमिक लक्ष्य गाजा में स्थायी शांति सुनिश्चित करना है। यह बोर्ड अस्थायी शासन प्रबंधन की निगरानी भी करेगा। क्षेत्र में शांति और पुनर्निर्माण एक जटिल चुनौती है। अजय बंगा का वित्तीय अनुभव इस मिशन में मददगार साबित होगा।
बोर्ड में उनकी भागीदारी भारतीय मूल के पेशेवरों की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है। यह भू-राजनीतिक मामलों में उनकी बढ़ती भूमिका का संकेत है। अमेरिकी प्रशासन ने इस बोर्ड के गठन को एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पहल के परिणामों पर नजर रखेगा।

