USA News: अमेरिका में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की एक संघीय अदालत ने इमिग्रेशन अधिकारियों को अपनी गलती सुधारने का सख्त आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जिस भारतीय नागरिक को गलत तरीके से देश से निकाला गया, उसे तुरंत वापस लाया जाए। अधिकारियों ने कोर्ट के मना करने के बावजूद उसे भारत भेज दिया था। यह घटना अमेरिका के न्याय विभाग और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी को दिखाती है।
आदेश के 3 घंटे बाद ही फ्लाइट में बैठाया
टेक्सास की जिला अदालत ने 9 जनवरी को यह अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि फ्रांसिस्को डी-कोस्टा को 20 दिसंबर, 2025 को अमेरिका से डिपोर्ट (निर्वासित) किया गया था। सबसे बड़ी बात यह है कि इस कार्रवाई से ठीक तीन घंटे पहले कोर्ट ने उनके निर्वासन पर रोक लगा दी थी।
अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद अधिकारियों ने डी-कोस्टा को ह्यूस्टन से तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट में बैठा दिया। यह विमान दोपहर करीब तीन बजे रवाना हुआ था। अब कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे डी-कोस्टा को वापस अमेरिका लाने की पूरी व्यवस्था करें।
ड्रग्स तस्कर संदीप सिंह को राहत नहीं
एक तरफ जहां एक भारतीय को वापस बुलाया जा रहा है, वहीं दूसरे मामले में ड्रग्स तस्कर संदीप सिंह को झटका लगा है। अमेरिका की सातवें सर्किट कोर्ट ऑफ अपील ने 7 जनवरी को उसकी याचिका खारिज कर दी। संदीप ने देश से निकाले जाने के फैसले को चुनौती दी थी। कोर्ट ने साफ किया कि अधिकारियों की प्रक्रियात्मक त्रुटियों का अंतिम फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कनाडा के रास्ते आया था अमेरिका
संदीप सिंह के पास भारतीय पासपोर्ट है, लेकिन वह कनाडा का स्थायी निवासी है। वह नवंबर 2021 में विजिटर वीजा पर कनाडा के रास्ते अमेरिका में दाखिल हुआ था। अप्रैल 2024 में उसने मेथामफेटामाइन (ड्रग्स) बांटने की साजिश में अपना जुर्म कबूल किया। इसके बाद मिशिगन की एक संघीय अदालत ने उसे 60 महीने जेल की सजा सुनाई थी।
