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अमेरिका में भारतीय दंपति का कारोबार: मोटेल में मामा-पॉप के नाम से चलता था ड्रग्स और वेश्यावृत्ति का धंधा

International News: अमेरिका के वर्जीनिया प्रांत में एक बड़ा मामला सामने आया है। डमफ्रीज शहर में एक भारतीय दंपति को गिरफ्तार किया गया है। कोषा और तरुण शर्मा ने रेड कार्पेट इन मोटेल मई 2023 से लीज पर लिया था। पुलिस का आरोप है कि वे यहां अवैध कारोबार चला रहे थे।

52 वर्षीय कोषा को ‘मामा के’ और 55 वर्षीय तरुण को ‘पॉप’ कहा जाता था। उनकी कंपनी कोषा एलएलसी के तहत मोटेल चलता था। रिपोर्ट के मुताबिक निचली मंजिलों पर सामान्य मेहमान ठहरते थे। तीसरी मंजिल अवैध गतिविधियों के लिए आरक्षित थी।

एफबीआई का लंबा अंडरकवर ऑपरेशन

एफबीआई और स्थानीय पुलिस ने मई 2025 से दिसंबर 2025 तक जांच की। इस दौरान अंडरकवर ऑपरेशन चलाया गया। जांच में वेश्यावृत्ति के नौ मामले दर्ज किए गए। ड्रग्स की खरीदारी के पंद्रह मामले भी सामने आए।

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इनमें ग्यारह बार फेंटेनिल और चार बार कोकेन की खरीद शामिल थी। आरोप है कि दंपति इन गतिविधियों से मुनाफा कमा रहा था। वे ग्राहकों को सीधे तीसरी मंजिल पर भेजते थे। पुलिस की निगरानी की चेतावनी भी देते थे।

महिलाओं का किया शोषण

कम से कम आठ महिलाओं को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया। उन्हें 80 से 150 डॉलर में ग्राहकों के साथ रखा जाता था। महिलाओं को जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। ड्रग्स की बार-बार बिक्री से कमजोर लोगों का शोषण हो रहा था।

अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि ड्रग और सेक्स ट्रैफिकिंग समुदायों का शोषण करती है। ऐसे अपराधियों को उनके कर्मों की सजा मिलेगी। कानून हर अपराधी को जवाबदेह ठहराएगा।

भोर में हुई छापेमारी और गिरफ्तारी

15 जनवरी 2026 की सुबह करीब छह बजे छापेमारी हुई। एफबीआई और प्रिंस विलियम काउंटी पुलिस ने मोटेल पर धावा बोला। हथियारों के साथ कार्रवाई में पांच लोग गिरफ्तार किए गए।

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गिरफ्तार लोगों में दंपति के अलावा तीन अन्य शामिल हैं। मार्गो वाल्डन पियर्स, जोशुआ रॉडरिक और रशार्ड पेरिश स्मिथ भी शामिल हैं। सभी पर नियंत्रित पदार्थों के वितरण का षड्यंत्र रचने का आरोप है।

दोषी साबित होने पर कम से कम दस साल की सजा

अगर आरोपी दोषी साबित होते हैं तो उन्हें कम से कम दस वर्ष की सजा हो सकती है। यह मामला अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कड़ी निगरानी को दर्शाता है। हर स्तर पर अवैध कारोबार पर नजर रखी जाती है।

इस तरह के मामले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनते हैं। कानून का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।

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