World Breastfeeding Week 2021: स्तनपान से मां और शिशु दोनों रहते हैं स्वस्थ्य, जानें शिशुओं के लिए फायदे

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विश्व स्तनपान सप्ताह दुनियाभर में स्तनपान हेतु जागरूकता बढ़ाने के लिए एक वार्षिक कैंपेन है। यह माताओं को स्तनपान करवाने के लिए प्रोत्साहन देता है। यह प्रतिवर्ष एक से सात अगस्त तक मनाया जाता है। यूनीसेफ की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के कुल शिशुओं में से लगभग 60 प्रतिशत को प्रथम छह माह तक आवश्यक स्तनपान नहीं प्राप्त होता है। इस वर्ष इस सप्ताह की विशेष थीम है, स्तनपान के लिए कदम बढ़ाएं।

शिशुओं के लिए फायदे
मां के दूध खासकर शुरुआती पीले गाढ़े दूध द्वारा शिशु को अनेक एंटीबाडी प्राप्त होती हैैं, जो उसे रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करती हैैं। स्तनपान पर पले शिशुओं को एलर्जी, एग्जीमा और दमा आदि की समस्या कम होती है। मां के दूध में शिशु के मानसिक विकास के लिए भी विशेष तत्व मौजूद होते हैैं। स्तनपान करने वाले बच्चों की आंखों की रोशनी भी बेहतर रहती है। स्तनपान पर पले बच्चों में निमोनिया, डायरिया आदि संक्रमण कम होते हैैं। यही नहीं ऐसे बच्चों की मृत्युदर भी कम होती है। स्तनपान करने वाले बच्चों को भविष्य में हाई ब्लड प्रेशर, हृदयरोग व मधुमेह आदि रोग भी कम होते हैैं। मां के लिए भी है लाभदायक माताओं और शिशुओं को स्वस्थ रखने हेतु हम सभी की यह जिम्मेदारी बनती है कि स्तनपान के फायदों से भावी माताओं को अवश्य अवगत कराना चाहिए। स्तनपान कराने से प्रसव के बाद गर्भाशय के सिकुड़ने और सामान्य आकार में लौटने में मदद मिलती है।

प्रसव के बाद ब्लीडिंग भी कम होती है।

मां का बढ़ा हुआ वजन वापस घटाने में मदद मिलती है। महिलाओं में स्तन व ओवरी कैंसर की आशंका भी कम होती है।  स्तनपान कराने से मां और शिशु के बीच लगाव भी बढ़ता है। माताओं का शिशु के साथ त्वचा से त्वचा का संपर्क बढ़ता है। इससे वे शिशु के संकेतों को जल्दी समझना सीख जाती हैैं।मातृत्व भाव व संतुष्टि में वृद्धि होती है।

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