West Bengal News: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने रविवार को प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए रिकॉर्ड मतों से विजय हासिल की। इस मुकाबले में सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है और उसका पुराना गढ़ पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र में 1,09,021 मतों के भारी अंतर से बड़ी जीत दर्ज की है। चुनावी मैदान में पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले। वहीं माकपा के शंभू नाथ कुर्मी 40,645 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला को केवल 10,084 वोट ही मिल सके।
तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान की जमानत हुई जब्त
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर खिसक गए और उनकी जमानत तक जब्त हो गई। खान को कुल 2.36 लाख मतदाताओं में से महज 7,783 वोट मिले। बता दें कि पुनर्मतदान से ठीक पहले खान ने चुनाव न लड़ने का निजी फैसला लिया था, लेकिन ईवीएम में उनका नाम दर्ज था।
फाल्टा विधानसभा सीट पर साल 2011 से लगातार तृणमूल कांग्रेस का मजबूत कब्जा बना हुआ था। साल 2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने लगभग 57 प्रतिशत वोट पाकर बड़ी जीत हासिल की थी। इस बार भाजपा ने 71.2 प्रतिशत वोट हासिल किए, जो 2021 में मिले 36.75 प्रतिशत से बहुत अधिक है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर साधा तीखा निशाना
इस बड़ी जीत के बाद राज्य विधानसभा में भाजपा की कुल सीटों की संख्या बढ़कर अब 208 हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर फाल्टा की जनता को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान होते ही जनता ने टीएमसी की माफिया संस्कृति को नकार कर असल वास्तविकता सबके सामने ला दी है।
चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद यहां दोबारा चुनाव कराया था। केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में 21 मई को सभी 285 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान संपन्न हुआ था। इस दौरान क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने लोकतंत्र में अटूट विश्वास दिखाते हुए रिकॉर्ड 87 प्रतिशत मतदान किया था।
Author: Sourav Banerjee


