Asia Cup News: 14 सितंबर को होने वाले एशिया कप 2023 के भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर देश में राजनीतिक बहस छिड़ गई है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से कई राजनीतिक दल इस मैच के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि आतंकवाद के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता।
विपक्षी दलों ने इस मैच का जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पुतले जलाए। उन्होंने ‘खून और मैच एक साथ नहीं चलेगा’ जैसे नारे लगाए। इस कार्यक्रम में दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज भी मौजूद थे।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिस पाकिस्तान के साथ हम युद्ध की स्थिति में हैं, उसके साथ क्रिकेट खेलना देशभक्ति का मजाक उड़ाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के लिए देशहित से ज्यादा व्यापार महत्वपूर्ण है।
इस पर बीजेपी नेता नितेश राणे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे खुद बुर्के में छिपकर यह मैच देखेंगे। इस तरह की टिप्पणियों ने राजनीतिक वातावरण को और गर्म कर दिया है। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस जारी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दिलजीत दोसांझ की फिल्म आती है तो उसे रोकने की बात होती है। लेकिन बीसीसीआई प्रमुख जय शाह के आईसीसी में होने पर सब चुप हैं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस मामले में अपना रुख स्पष्ट किया है। BCCI के सचिव जय शाह ने कहा था कि बोर्ड केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करता है। सरकार की नीति है कि भारत पाकिस्तान के साथ आईसीसी टूर्नामेंट्स में खेल सकता है।
लेकिन बाइलैटरल सीरीज नहीं खेली जाएगी। इसलिए एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में भाग लेना BCCI की मजबूरी है। बोर्ड का मानना है कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए। परंतु वर्तमान परिस्थितियों में यह मुश्किल होता दिख रहा है।
इस बहस ने मैच से पहले का वातावरण गर्म कर दिया है। क्रिकेट प्रेमियों के बीच भी इस मैच को लेकर मिश्रित भावनाएं हैं। कुछ लोग मैच देखने के इच्छुक हैं तो कुछ का मानना है कि देशभक्ति खेल से ऊपर है। अब देखना यह है कि यह मैच हो पाता है या नहीं।

