Business News: भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक चौंकाने वाला और स्मार्ट कदम उठाया है। देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने एक ऐसे देश से कच्चा तेल खरीदा है, जो क्षेत्रफल में हमारे महाराष्ट्र राज्य से भी छोटा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर (Ecuador) से 20 लाख बैरल कच्चे तेल की डील पक्की की है। रूस और यूक्रेन विवाद के बीच यह कदम भारत की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
रूस की जगह नए साथी की तलाश
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, आईओसी ने एक टेंडर के जरिए यह खरीद की है। कंपनी ने इक्वाडोर से ‘ओरिएंटे’ (Oriente) क्रूड ऑयल की खेप खरीदी है। इसकी डिलीवरी मार्च महीने के अंत तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। दरअसल, अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इससे रूसी तेल को भारत लाने में लॉजिस्टिक्स और जहाजों से जुड़ी दिक्कतें आ रही हैं। इसी कमी को पूरा करने के लिए भारतीय रिफाइनर अब दुनिया के नए कोनों से तेल जुटा रहे हैं।
50 से ज्यादा देशों से तेल खरीद रहा भारत
दुनियाभर में चल रही जियो-पॉलिटिकल टेंशन ने कच्चे तेल की सप्लाई चेन को बिगाड़ दिया है। भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, भारत इस समय 50 से ज्यादा देशों के साथ तेल का व्यापार कर रहा है। आईओसी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए दक्षिण अमेरिकी देशों का रुख किया है। इक्वाडोर से पहले, पिछले महीने कंपनी ने कोलंबिया से भी 20 लाख बैरल ‘कैस्टिला’ क्रूड ऑयल खरीदा था। इसके अलावा ब्राजील और मैक्सिको के साथ भी भारत के पुराने अनुबंध हैं।
महाराष्ट्र से भी छोटा है इक्वाडोर
इक्वाडोर का नाम सुनकर आपको हैरानी हो सकती है, क्योंकि यह देश आकार और अर्थव्यवस्था में महाराष्ट्र के सामने काफी छोटा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इक्वाडोर का कुल क्षेत्रफल करीब 2,83,561 वर्ग किलोमीटर है। जबकि, महाराष्ट्र का दायरा 3,08,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
आबादी और इकोनॉमी में भी बड़ा अंतर
सिर्फ जमीन ही नहीं, आबादी में भी महाराष्ट्र बहुत आगे है। महाराष्ट्र की जनसंख्या करीब 14 करोड़ है, जो इक्वाडोर की 1.8 करोड़ की आबादी से लगभग 7 गुना ज्यादा है। अर्थव्यवस्था की बात करें तो इक्वाडोर की जीडीपी करीब 130.5 बिलियन डॉलर है। वहीं, वित्त वर्ष 2026 तक महाराष्ट्र की जीडीपी 580 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यानी आर्थिक मोर्चे पर महाराष्ट्र इस देश से 4.5 गुना बड़ा है। इतना छोटा होने के बावजूद, तेल के भंडार ने इक्वाडोर को भारत का अहम बिजनेस पार्टनर बना दिया है।
