बड़ा सवाल: क्या सिर्फ डराने के लिए बनाया था अश्लील वीडियो

महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट मंगलवार को वायरल होने के बाद साफ हो गया कि एक अश्लील वीडियो दिखाकर ही उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था। सुसाइड जारी होने के बाद अब तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। मठ से जुड़े एक करीबी भक्त ने दावा किया कि अश्लील वीडियो जारी कराकर धमकाने में एक भाजपा नेता भी भूमिका भी संदिग्ध है। ये सब कुछ वसूली और आनंद गिरि की वापसी के लिए किया गया लेकिन वह इतने आहत हो गए कि उन्होंने जान दे दी।

नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में लिखा है कि हरिद्वार से सूचना मिली है कि कंप्यूटर के माध्यम किसी महिला या लड़की से गलत काम करते हुए मेरी फोटो लगाकर वायरल कर देगा। मैंने सोचा कि सफाई दे दूंगा लेकिन तब तक बदनाम हो जाऊंगा। मुझे यकीन है कि पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी लेकिन तब बहुत देर हो जाएगी। अपना दर्द लिखने के बाद उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। इससे साफ जाहिर है कि जानबूझ कर सब कुछ किया जा रहा था। इसी आपत्तिजनक वीडियो के डर से उन्होंने अपनी इहलीला समाप्त कर ली।

इस प्रकरण में मठ से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि नरेंद्र गिरि को बदनाम करके आनंद गिरि की वापस कराने की प्लानिंग थी। समझौता होने के बाद भी दूरियां बनी थी। आनंद गिरि के वापस आने की संभावना धीरे-धीरे खत्म होती जा रही थी। ऐसे में नरेंद्र गिरि को डराने धमकाने क कोशिश की गई। सभी को पता था कि वह किसी चीज से नहीं डरेंगे। डराने वाले को जेल हो जाएगी। कोई कमी न मिलने पर फर्जी वीडियो बनाने की अफवाह उड़ाई गई। सुसाइड नोट के मुताबिक हरिद्वार से दबाव बनाया गया कि उनका अश्लील वीडियो जारी होने वाला है। बार बार कॉल करके डराया जा रहा था। साजिशकर्ताओं ने सोचा था कि शायद इससे समझौता हो जाएगा, लेकिन यह अनहोनी हो गई।

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