उत्तर प्रदेश में हो रहा वैक्सीनेशन में बड़ा खेल, अलीगढ़ का टीका लग रहा नोएडा में

जब कोविड के टीके की वायल जिले के एक सेंटर से दूसरे सेंटर तक नहीं जा सकती, तो अलीगढ़ के लिए अलॉट हुई वैक्सीन की पूरी खेप नोएडा कैसे पहुंच गई। वह भी तब जब स्वास्थ्य विभाग के सरकारी दस्तावेजों में रोजाना इन टीकों की ऑडिट होती हो। बावजूद इसके नोएडा की जेपी ग्रींस सोसाइटी में अलीगढ़ जिले को आवंटित टीकों की एक बड़ी खेप लगा भी दी गई। इस पूरे मामले पर नोएडा और अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग कोई भी सटीक जवाब नहीं दे पा रहा है। ऐसे में तो सवाल उठने लाजमी हैं। सवाल ये कि क्या वास्तव में यह कोई एक बड़ा रैकेट है जो अधिकारियों की मिलीभगत से टीकों का हेर फेर कर रहा है। सवाल यह भी है कि जो टीके स्वास्थ्य विभाग के निगरानी में लगाए जाने चाहिए वह एक व्यक्ति के घर पर कैसे लगाए जा रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाए हैं की क्या हकीकत में इन टीकों में जीवन रक्षक दवा ही है या कुछ और।

मामला नोएडा की जेपी ग्रींस सोसायटी का है। यहां मई के अंतिम सप्ताह में लगाए गए टीकों को लेकर बहुत सवालिया निशान उठ रहे हैं। सोसायटी में रहने वाले लोगों ने नोएडा के जिला अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चिट्ठी लिखकर शिकायत की है कि दरअसल इस सोसाइटी में जो टीके लगाए गए वह सभी टीके अलीगढ़ के थे। यही नहीं नोएडा में यह टीके जिस तारीख को लगे और जो टीका लगवाने के बाद प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ उस पर तारीख भी अलग है। टीकाकरण का स्थान नोएडा के जेपी ग्रींस सोसाइटी की जगह पर अलीगढ़ के नौरंगाबाद पीएचसी का दिया गया है।

जेपी सोसायटी में रहने वाले रिटायर्ड आईएएस और भारत सरकार में पूर्व संयुक्त सचिव रहे शंकर अग्रवाल कहते हैं टीकाकरण को लेकर मंशा किसी की भी कुछ हो लेकिन यह कैसे संभव है कि अलीगढ़ की वैक्सीन बगैर किसी स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में नोएडा के जेपी ग्रींस सोसाइटी में लगा दी जाए। सोसायटी के लोगों ने अमर उजाला डॉट कॉम को भेजे गए प्रमाण पत्र में बताया कि टीका तो उन्होंने नोएडा के जेपी ग्रीन्स सोसायटी में लगाया था और जो प्रमाण पत्र आया है उसमें टीका लगाने का स्थान अलीगढ़ का दिखा रहा है। जो पूरी तरीके से गलत है।
जिम्मेदारों की सांसें अटकी, कुछ बोल नहीं पा रहे हैं
इस पूरे मामले में जब नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दीपक को फोन किया गया तो उन्होंने अपना फोन अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अमित को पकड़ा दिया। डॉ दीपक से जब अलीगढ़ की वैक्सीन को नोएडा में लगाने के बारे में सवाल किया तो उनका कहना है ऐसा संभव ही नहीं कि अलीगढ़ की वैक्सीन नोएडा में लग जाए। वह कहते हैं की एक-एक वैक्सीन का रोजाना ऑडिट होता है। ऐसा कैसे संभव हो सकता है कि अलीगढ़ की वैक्सीन नोएडा की किसी सोसाइटी में लगा दी जाए। जब उन्हें सबूत के साथ इस बात की जानकारी दी गई कि ऐसा हुआ है तो वह कहने लगे कि इस मामले में उनका सीधा कोई रोल नहीं है। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि इसकी देखरेख जिला टीकाकरण अधिकारी करते हैं।

अलीगढ़ की वैक्सीन नोएडा में कैसे लगी, इसे अलीगढ़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीपी सिंह कल्याणी सिरे से खारिज करते हुए कहते हैं कि ऐसा संभव ही नहीं है। हालांकि उनका तर्क था कि नोएडा के लोग अलीगढ़ में आकर अगर टीका लगवा कर गए हैं तो उन्हें मिलने वाले प्रमाण पत्र पर नौरंगाबाद सीएचसी का ही स्थान दर्ज होगा। उनको जब यह बताया गया कि सोसाइटी के लोग तो अलीगढ़ आए ही नहीं, तो उन्हें प्रमाणपत्र कैसे अलीगढ़ का मिल सकता है। इस पर उनका कहना था कि अब वह इस मामले में जांच करवाएंगे कि ऐसा कैसे हुआ।

इस कैंप का आयोजन करने वाले जेपी ग्रींस सोसाइटी के शुभ गौतम से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन बंद था। शुभ गौतम को मैसेज भी भेजा गया लेकिन शाम तक कोई जवाब नहीं आया।


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