फर्जीवाड़ा: सोनीपत में कर दिया उत्तर प्रदेश के वाहनों का पंजीकरण, एसडीएम आफिस के दो क्लर्कों पर केस दर्ज

सोनीपत में वाहन पंजीकरण में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कार्यालय के दो क्लर्कों ने वाहन रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी कर रुपये हड़प लिए हैं। बताया जा रहा है कि यहां यूपी के वाहन भी पंजीकृत किए गए हैं। एसडीएम कार्यालयों में पंजीकृत कुछ वाहनों की आरसी संदेह के घेरे में आ गई हैं। वाहनों के पंजीकरण के दौरान गड़बड़ी किए जाने का आरोप है। कंप्यूटर में चैसिस नंबर की एंट्री करते हुए उसमें स्टार लगा दिया गया।

पंजीकरण के बाद फाइलों में वाहन खरीद एजेंसीए कंपनी के कागजात और बीमा जैसे जरूरी कागजात नहीं लगाए गए। ऐसा फर्जीवाड़ा करीब पांच महीने पहले यमुनानगर के जगाधरी और बिलासपुर में भी सामने आया था।

इससे पहले ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को यमुनानगर के जगाधरी व बिलासपुर में वाहन पंजीकरण में फर्जीवाड़ा होने की जानकारी मिली थी। जांच के बाद यमुनानगर के जगाधरी में 21 जनवरी और बिलासपुर में पहली फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उस मामले की जांच में सोनीपत में भी फर्जीवाड़ा होने की जानकारी मिली थी।

वाहन पोर्टल पर गड़बड़ी की

वाहन पोर्टल पर गड़बड़ी कर गलत चैसिस नंबर डालकर पंजीकरण कर दिया। इसके लिए अंकों के साथ स्टार लगा दिया गया। चोरी के वाहनों और ऋण की किस्त जमा नहीं करने वाले वाहनों का दोबारा पंजीकरण करने का आरोप है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के आदेश पर एसपी ने एएसपी से जांच कराई। एएसपी के निर्देश पर दो लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

जरूरी कागजात नहीं लगाए

एएसपी की आरंभिक जांच में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न जिलों के 23 वाहनों के पंजीकरण में गड़बड़ी मिली है। यह गड़बड़ी वर्ष 2018 में की गई। एएसपी के पत्राचार के बावजूद जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। एसपी और एएसपी ने अब जांच का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है। मामले की जानकारी डीजीपी हरियाणा, एडीजीपी सीआईडी और ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को दे दी गई है। कई वाहन वर्ष 2012 में कंपनी द्वारा डीलर को दिए गए थे।

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