दो युवतियां रेमडेसिविर की कालाबाजारी मामले ने गिरफ्तार, युवतियों ने भी करवाई एफआईआर

देश भर में कोरोना का कहर लगातार जारी है। बीमारी में लगने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को राजस्थान के अजमेर से एक रेमडेसिविर की कालाबाजारी का एक मामला सामने आया है। जिसमें शामिल दो युवतियों को पुलिस ने पकड़ा है। जिसके बाद युवतियों ने खुद को ही ब्लैकमेलिंग का शिकार बताया और एफआईआर दर्ज करा दी।

अजमेर के इस मामले में एक युवक आशीष सोनी की शिकायत पर पुलिस ने दोनों युवतियों को पकड़ा। आशीष ने बताया कि शुक्रवार को एक जान पहचान के संक्रमित की पत्नी उसके पास रेमडेसिविर के लिए रुपये उधार लेने आई थी। महिला ने कहा कि उसे किसी ने इंजेक्शन के लिए एक नंबर दिया था जो इसके लिए 25 हजार मांग रहे थे।

आशीष सोनी ने जब खुद इस नंबर पर फोन किया तो एक महिला ने बात की और कहा कि इंजेक्शन 23 हजार से कम में नहीं मिलेगा। जिसके बाद आशीष ने तीन इंजेक्शन के लिए सौदा किया।

गिरफ्तार बहनों ने दर्ज करा दी FIR

जिसके बाद महिला ने उसे अजमेर क्लब के पास बुलाया। वहां पहुंच कर दो युवतियां भूमिका और प्रियंका इंजेक्शन लेकर आई। जिसके बाद आशीष ने उन से इंजेक्शन लेकर पुलिस को बुला लिया। पुलिस को दिए बयान में दोनों बहनों ने खुलासा किया है कि उनके माता-पिता भी कोरोना से संक्रमित हैं। पिता जेएलएन अस्पताल में और माता पुष्कर रोड स्थित मित्तल अस्पताल में भर्ती हैं। इसके लिए उन्होंने खुद जयपुर के एक एमआर से ब्लैक में ये इंजेक्शन खरीदे थे। इसके बाद दोनों ने भी खुद के ब्लैकमेलिंग के शिकार होने की पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी। जिसके बाद पुलिस अब दोनों एंगल से जांच में जुटी है।

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