जम्मू-कश्मीर : हड़ताल पर गए ट्रांसपोर्टरों ने यात्री किराया बढ़ाने की मांग की

कोविड-19 महामारी के चलते सार्वजनिक परिवहनों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलाने के जम्मू-कश्मीर प्रशासन के आदेश के खिलाफ हड़ताल पर गए दर्जनों ट्रांसपोर्टरों ने बुधवार को यहां प्रदर्शन किया और ‘आर्थिक संकट’ से गुजर रहे इस क्षेत्र को बचाने के लिए यात्री किराए में वृद्धि करने की मांग की।

ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएस वजीर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी शहर के जनरल बस स्टैंड के सामने मुख्य सड़क पर जमा हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।

उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा सार्वजनिक परिवहनों में सीट क्षमता के 50 प्रतिशत यात्रियों को ही ले जाने के आदेश से नाराज निजी ट्रांसपोर्टर 21 अप्रैल से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि वे ईंधन के दाम में बेतहाशा वृद्धि और महामारी से पहले ही वे घाटे का सामना कर रहे हैं और ऐसे में 50 प्रतिशत क्षमता से वाहनों को चलाना उनके लिए व्यावहारिक नहीं है।

वजीर ने कहा,” दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन निरंकुश की तरह व्यवहार कर रहा है। हड़ताल के तीसरे दिन हमने परिवहन आयुक्त से मुलाकात की थी और सरकार को अपने प्रस्ताव पेश किए थे लेकिन अबतक कोई फैसला नहीं हुआ है।”

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