ट्रांसमिशन प्रभावितों की आवाज विधानसभा में उठाएंगे रामलाल ठाकुर; मांग नही मानी तो तेज होगा आंदोलन

राष्ट्रीय किसान आंदोलन की समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक तथा (भारतीय किसान यूनियन गैर राजनीतिक) के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह व उनके साथ भारतीय किसान यूनियन के पंजाब से आए, किसान नेता स्वरूप सिंह तथा भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा से आए किसान नेता महेंद्र सिंह राणा ने जिला बिलासपुर की श्री नैना देवी जी विधानसभा के जुखाला में ट्रांसमिशन लाइनों के प्रभावित विस्थापित किसानों के पिछले 15 दिन से राष्ट्रीय किसान आंदोलन के समर्थन में चल रहे धरने में किसान जन चेतना रैली में हिमाचल प्रदेश के किसानों को संबोधित किया।

युद्धवीर सिंह ने कहा कि मंडी सुधार की बात जो कि कृषि अध्यादेशों को पिछले दरवाजे से बिना चर्चा के पारित कर की जा रही है। उससे किसान को कोई भी फायदा होने वाला नहीं है। क्योंकि यह पुराने पंजाब में बनाया गया था। मंडी में जाकर सभी किसान इकट्ठा होकर व्यापारी व आडती के शोषण के खिलाफ एकजुट होकर करते थे। लेकिन अब इस कानून के अंतर्गत कोई भी व्यापारी बाहर से आएगा और अकेले-अकेले किसान को लूटेगा। जिस प्रकार पूरे हिंदुस्तान में बहुत से प्राइवेट कंपनियों ने किसानों की जमीनों का जबर्दस्ती अतिक्रमण कर लिया है और मुकदमे बाजी के माध्यम से प्राइवेट कंपनियों के उद्योगपति उन किसानों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बिल के प्रचार हेतु झूठा प्रचार किया जा रहा है।

सरकार द्वारा स्टोरेज पर उन्होंने कहा कि यदि झूठा प्रचार किया जा रहा है कि किसान जो है वह अच्छे से स्टोर कर सकता है। जबकि छोटा किसान गोदामों में क्या स्टोरेज करेगा और क्यूं करेगा। छोटे किसान के पास स्टोरेज करने की हिम्मत ही नहीं है तथा स्टोरेज के लायक फसल भी पैदा नहीं होती है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा असंवैधानिक तरीके से उन लोगों को कमेटी में शामिल किया गया है। जो पहले से ही कृषि अध्यादेश के पक्ष में है। मतलब स्पष्ट है कि अब कमेटी के सदस्य न्यायाधीश होंगे। जो पहले से सरकार को लिखित में दे चुके हैं कि वह इस बिल के समर्थन में है।
युद्धवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि ट्रांसमिशन लाइने केवल हिमाचल का ही विषय नहीं है। यह देश के अनेक प्रांतों के करोड़ों किसान इससे प्रभावित हैं तथा किसानों को हर समय झूमती मौत के नीचे अपने जीवन यापन करना पड़ रहा है। ट्रांसमिशन लाइनों को बिछाने के लिए गलत तरीके से अंग्रेजों के जमाने में बने इंडियन टेलीग्राफ एक्ट की आड़ में बिजली कंपनियों के मालिकों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अनिल अंबानी द्वारा कुल्लू से लुधियाना तक बिछाई गई पार्वती कोलडैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा हिमाचल प्रदेश के हजारों किसानों के साथ धोखाधड़ी अपराधिक षड्यंत्र कर सरेआम लूट की है। जिसको राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने हेतु भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी।

टावर लाइन शोषित जागरूकता मंच के राष्ट्रीय संयोजक अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता रजनीश शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियां हिमाचल प्रदेश के अंदर बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित लगभग 15 लाख से अधिक किसानों के लिए विधानसभा में आज दिन तक विशेष कानून बनाने में फेल हुए हैं। अगर आगामी विधानसभा क्षेत्रों के दौरान हिमाचल विधानसभा ने ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण तथा तारों के नीचे आई मलकीयत भूमि, घरों, मवेशी खानों को अधिग्रहण करने के लिए कानून नहीं बनाया गया तो आने वाले दिनों के अंदर संपूर्ण हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में किसान आंदोलन को तेज किया जाएगा। सभी राजनीतिक पार्टियों की उद्योगपतियों के पक्ष में सुविधा अनुसार कानून बनाने में की जाने वाली कोताही व निष्क्रियता को जनता के समक्ष बेनकाब किया जाएगा।

आज किसान जनचेतना रैली के अवसर पर ट्रांसमिशन लाइनों के प्रभावित किसानों के साथ श्री नैना देवी जी विधानसभा के मौजूदा विधायक रामलाल ठाकुर भी किसानों की जायज मांगों के समर्थन में किसान आंदोलन में उपस्थित होकर उन्होंने भी यह माना कि पिछली सरकारों के दौरान हिमाचल प्रदेश में अनिल अंबानी की कंपनी में लाखों लोगों को लूटने व ठगने का काम सरकारी मिलीभगत के स्तर पर किया है। अब जब यह कंपनी बेनकाब हो चुकी है तो इस मसले को आगामी विधानसभा सत्र में हिमाचल विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने टावर लाइन शोषित जागरुकता मंच तथा मंच के राष्ट्रीय संयोजक को किसानों की जायज संविधानिक अधिकार अधिकारों की लड़ाई को कुशल नेतृत्व के चलत उस रणनीति द्वारा कंपनी द्वारा किए गए घोटाले का पर्दाफाश किया है। उन्हें अपने संबोधन में सभी किसानों को लड़ाई लड़ने के लिए साधुवाद दिया। हमेशा इस संवेदनशील विषय पर प्रदेश की विधानसभा के अंदर मुआवजा व अधिग्रहण की लड़ाई को लड़ेंगे।

आज मुख्य रूप से इस आंदोलन में अपना समर्थन देने के लिए जिला कुल्लू के तलाड़ा व मंडी की सराज व नाचन विधानसभा के गोहर व सियांज के साथ साथ अन्य लगभग 8 विधानसभाओं के प्रभावित किसानों ने आंदोलन में पहुंचकर अपना समर्थन किसान आंदोलन को दिया व कहा कि अगर दिल्ली में आंदोलनरत किसानों की मांगों को ना मानकर कृषि अध्यादेश को खारिज नहीं किया गया तो पूरे हिमाचल प्रदेश के अंदर आंदोलन को तेज किया जाएगा।

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