टावर लाइन शोषित चार दिनों से बिलासपुर के जुखाला में दे रहे धरना; और सरकार चुप

टॉवर लाइन शोषित जागरूकता मंच के राष्ट्रीय संयोजक व भारतीय किसान यूनियन के हिमाचल संयोजक अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता रजनीश शर्मा ने प्रेस को जारी वक्तव्य में बताया कि नैना देवी विधानसभा के अंतर्गत जुखाला में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन तथा कृषि अध्यादेश को रदद करने को लेकर ट्रांसमिशन लाइन प्रभावित व विस्थापित किसान क्रमिक धरने पर चार दिनों से बैठे हैं। जो केंद्र सरकार से किसान हित में फैसला करने की मांग कर रहे है।

सरकार की जनविरोधीनीतियों व कृषि अध्यादेश के खिलाफ लाखों किसान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं। जिस पर सरकार अपने हिटलर शाही व तानाशाही रवैये की वजह से किसानों की मांगों के आगे झुकने को तैयार नहीं है।

मंच के प्रधान बाबू राम ठाकुर ने कहा कि सरकार में बैठे नेताओं द्वारा इतिहास में लोकतंत्र को खत्म कर किसान मजदूर विरोधी होने का गलत संकेत दिया जा रहा है। जनता के द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों का किसान संगठनों तथा किसानों के प्रति नजरिया इस बात से पता चल रहा है कि नेताओं ने कानून बनाने से पहले संसद के अंदर उपयुक्त चर्चा करना भी उचित नहीं समझा और ना ही किसानों को भरोसे में लिया गया।

किसान प्रकाश ठाकुर ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को 21 वीं सदी के निरंकुश शासक तथा किसान मजदूर विरोधी शासक के रूप में जाना जाएगा। जो किसानों के संवेदनशील तथा भूमि अधिकारों की सुरक्षा के मामले में शीघ्र अति शीघ्र कार्यवाही करने में नाकाम रहे हैं।

हरी सिंह ठाकुर उप-प्रधान ने कहा कि 36 दिनों से देश का किसान कड़ाके की ठंड में दिल्ली के बॉर्डर पर जमा हुआ है। लेकिन सरकार के उदासीन रवैये की वजह से अन्नदाता अपने अधिकारों की सुरक्षा हेतु लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने गए जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता के चलते किसान आंदोलन का उपयुक्त हल नहीं निकाल पा रहे हैं।

मंच के राज्य कार्यकारिणी सदस्य किसान रोशन लाल (रोसी) ने कहा कि हैरानी की बात है कि सरकार के मंत्री व प्रधानमंत्री स्वयं किसान आंदोलन का उचित समाधान करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। जानबूझकर कोर्ट के मुकदमों की तरह तारीख पर तारीख देकर संवेदनशील मामले को लंबित डाल रहे हैं और रणनीतिक तरीके से किसानों के मनोबल को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं ताकि कृषि अध्यादेश को रद्द करने की जायज मांग को दबाया जा सके।

इलाके के सभी एक सामाजिक संगठनों, प्रगतिशील व प्रबुद्ध लोगों ने भी एकमत से देश के किसानों के हित में इसी अध्यादेश को वापस लेने हेतु मांग को समर्थन किया है। आज धरने पर प्रेम लाल भडोल, बाबू राम, रूप लाल, जगदीश कुमार, निकड़ा राम, हरी सिंह, रंजीत, सुखदेव, राजीव कुमार, बलदेव कुमार, हीरा लाल, सुनीता, नम्रता ठाकुर, मोना ठाकुर, वंदना ठाकुर मौजूद रहे।

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