समतामूलक समाज के निर्माण के लिए अभी से जुट जाएं देश के युवा- राम नाथ कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने युवा पीढ़ी को वर्ष 2047 में आजादी की शताब्दी तक समाज को तमाम असमानताओं से मुक्त करके एक समतामूलक समाज की स्थापना का लक्ष्य देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इस काम में सभी नौजवान अभी से जुट जाएं।

राष्ट्रपति ने लखनऊ स्थित बाबा साहब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2047 में जब देश आजादी की शताब्दी मना रहा होगा उस वक्त यहां मौजूद तमाम युवा देश का नेतृत्व कर रहे होंगे। उन्होंने कहा कि उस समय तक समाज विभिन्न भेदभाव और असमानता की बेड़ियों से पूरी तरह मुक्त हो चुका होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के समतामूलक समाज के निर्माण के सपने को पूरा करने के लिए अभी से जुटना होगा। कोविंद ने दीक्षांत समारोह में उपाधियां धारण करने वाले तमाम युवाओं से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि “आप जॉब सीकर के बजाय जॉब क्रिएटर बनें।” उन्होंने कहा कि बाबा साहब का कहना था कि अगर शिक्षित व्यक्ति समाज के कल्याण में काम ना आए तो उसका कोई अर्थ नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज हमारे देश की बेटियां मुल्क का नाम बेटों से ज्यादा रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का बाबा साहब का सपना अब पूरा हो रहा है। इस मौके पर स्नातक, परास्नातक, पीएचडी तथा एमफिल एवं अन्य पाठ्यक्रमों के 1424 छात्र-छात्राओं को उपाधि से सम्मानित किया गया। उनमें से छह को राष्ट्रपति ने स्वर्ण पदक प्रदान किये। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर सावित्रीबाई फुले गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।

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