विधानसभा अध्यक्ष के विधानसभा क्षेत्र में पांच घंटे बीत जाने पर भी सुरक्षा नही दे पाई थुरल पुलिस

हिमाचल प्रदेश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो गए है, इस बात का पता इस कांगड़ा की थुरल तहसील के हेब गांव में घटी घटना से पता चल जाता है। आज कल हेब गांव में एटीसी का टावर लगाने का काम चल रहा है। जानकारी मिली है कि एटीसी में काम कर रहे लक्की कुमार और उसके साथी पर हमला करके कुछ अपराधियों ने 25000 रुपये और मोबाइल छीन लिए है।

पीड़ित लकी कुमार का कहना है कि शाम को 5:30 बजे काम खत्म होने के बाद वो और उनका ठेकेदार हरीश राणा हेब से थुरल की तरफ बाइक पर जा रहे थे। रास्ते में गांव के एक आदमी अशोक कुमार और उसके साथियों ने दोनों को पकड़कर वहां पर रोक लिया। इन लोगों ने सड़क पर जेसीबी खड़ी करके पूरी सड़क को बंद कर रखा था। जब हमने बाइक को निकालने के लिए जेसीबी हटाने के लिए प्रार्थना की, तो उन लोगों ने दोनों को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और गालीगलौच के साथ हाथापाई भी की। उन लोगों ने हाथापाई के दौरान मेरा मोबाइल तथा मेरी जेब से नगद 25000 रुपये भी छीन लिए और जान से मार देने की धमकी दी।

पीड़ितों ने बताया कि यह वही लोग थे जिन्होंने उनको टावर साइट पर आकर टावर का काम रोकने की कोशिश की थी। उन लोगों का कहना था कि तुम लोग काम रोक दो अन्यथा जान से खत्म कर देंगे। दिन में घटी इस घटना के तुरंत बाद लक्की कुमार ने थुरल पुलिस को सूचना दी थी तथा मदद की गुहार लगाई थी। लेकिन थुरल पुलिस की ओर से कोई भी कदम इन लोगों की सुरक्षा के लिए नही उठाया। जिसके चलते शाम को इन दोनों पीड़ितों के साथ यह घटना घटित हुई थी।

लक्की कुमार ने बताया कि इस मारपीट और लूट की घटना के बाद हम वापिस टावर साइट पर आ गए। हमने टावर साइट से फिर पुलिस को फ़ोन करके लूट और मारपीट के बारे सूचित किया। लेकिन पुलिस की ओर से कहा गया कि वह मौके पर नही आ सकते तो दोनों पीड़ित खुद पुलिस स्टेशन आए और मामला दर्ज करवाए। दोनों पीड़ित रात 08:30 बजे तक वही टावर साइट पर इंतजार करते रहे लेकिन कोई भी पुलिस की मदद उन तक नही पहुंची। उसके बाद पीड़ितों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर फ़ोन किया लेकिन वहां से भी कोई मदद नही मिली। उसके बाद पीड़ितों ने इमरजेंसी सेवा में 112 पर कॉल किया। लेकिन फिर भी कोई मदद नही पहुंची। उल्टा थुरल पुलिस स्टेशन से फ़ोन पर फरमान सुना दिया गया कि पुलिस स्टेशन पहुंच कर लिखित शिकायत दो, तब कार्यवाही होगी।

आधी रात को दोनों पीड़ित किसी तरह थुरल पुलिस स्टेशन पहुंचे तब जाकर मामला दर्ज हो पाया। लकी कुमार ने बताया कि जब हमने पुलिस से पूछा कि आप लोग तीन बजे से मदद के लिए क्यों नही पहुचे तो उनका कहना था कि हमारे पास गाड़ी नही है और बाहर बारिश हो रही थी। इसलिए पुलिस मौके पर नही पहुंच पाई। दोनों पीड़ितों का कहना है कि इस मामले में पुलिस की कार्यवाही से वह लोग निराश है।

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