धरती का वो कोना जहां अभी तक नहीं पहुंचा जीवन, आज भी वीरान पड़ी है पृथ्वी

पृथ्वी पर कहीं भी मुट्ठी भर मिट्टी को छानने पर लाखों सूक्ष्य जीव और कीड़े पाए जा सकते हैं। चिली में अटाकामा के वीरान रेगिस्तान से लेकर येलोस्टोन ज्वालामुखी तक इस ग्रह पर दुर्गम से दुर्गम परिस्थितियों में भी जीवन सांस ले रहा है। लेकिन एक नए अध्ययन ने इन दावों को झुठला दिया है, जो बताता है कि अंटार्कटिका के ट्रांसअंटार्कटिक पहाड़ों के बीच अभी भी जीवन का पहुंचना बाकी है।

मिट्टी में मौजूद शून्य कोशिकाएं
ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी (बीवाईयू) और अमेरिका में कोलोराडो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस सुदूर पर्वत श्रृंखला की यात्रा की। वैज्ञानिकों का मकसद इस बात की खोज करना था कि हजारों सालों में मिट्टी में जीवन कैसे विकसित हुआ है। अपनी यात्रा के दौरान वैज्ञानिक हैरान हो गए क्योंकि उन्होंने ‘कुछ भी’ नहीं खोजा। इस रिसर्च का नेतृत्व करने वाले बीईयू जीवविज्ञानी बायरन एडम्स ने कहा कि एक ग्राम मिट्टी में एक अरब तक सेल्स मौजूद हो सकती हैं लेकिन हमें इस मिट्टी में एक भी कोशिका नहीं मिली।

ऐसी मिट्टी पहले कभी नहीं देखी
उन्होंने कहा कि अभी तक किसी ने भी बिना microbes वाली मिट्टी कभी नहीं देखी थी। हमने एक ऐसे वातावरण की खोज की है जहां जीवन मौजूद नहीं है और यह वातावरण पृथ्वी पर खोजा गया है। वैज्ञानिकों ने अपन खोज को जर्नल ऑफ जियोफिजिकल रिसर्च: बायोजियोसाइंसेज प्रकाशित किया है। इस रिसर्च में साउथ पोल से करीब 300 मील की दूरी पर शेकलटन ग्लेशियर क्षेत्र से इकट्ठा किए गए 204 मिट्टी के नमूने शामिल थे, जो पूरी तरह बर्फ से मुक्त थे।

करीब 20 फीसदी मिट्टी जीवन से मुक्त
जांच में शामिल ज्यादातर मिट्टी में microbes के अलग-अलग मिश्रण पाए गए। हालांकि 20 फीसदी मिट्टी पूरी तरह जीवन से मुक्त पाई गई। ये नमूने क्षेत्र के कुछ सबसे ऊंचे और सबसे शुष्क हिस्सों से लिए गए थे। इससे भी ज्यादा आश्चर्य की बात यह है कि मिट्टी में किसी भी microbial DNA के लक्षण नहीं पाए गए हैं।

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