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British Slavery Symbol: 1929 से ढो रहे गुलामी का प्रतीक, 93 साल बाद कोर्ट में यह प्रतीक हटाने के बारे याचिका दायर

क्या आपने कभी गौर किया है कि भारत में सभी हवाई जहाजों के विंग्स और बॉडी पर VT से शुरू होने वाला नाम प्रमुखता से लिखा होता है. असम में भारत के हर हवाई जहाज का नाम VT से ही शुरू होता है. लेकिन ये VT आखिर है क्या?

तरुण विजय ने संसद में बताया था VT का मतलब
ज्यादातर लोगों की तरह हमारे सांसदों को भी या तो इसका मतलब पता ही नहीं था या फिर उन्होंने इस पर अभी तक गौर नहीं किया. लेकिन 2016 में बीजेपी सांसद तरुण विजय ने राज्यसभा में ये मामला उठाया और VT का मतलब सांसदों को बताया तो ज्यादातर सांसदों का सिर शर्म से झुक गया. दरअसल दो अक्षर का ये शब्द बताता है कि किस तरह हम 87 सालों से गुलामी के एक प्रतीक को ढो रहे हैं और दुनिया को बता भी रहे हैं. VT का मतलब है ‘Viceroy Territory’ यानी वायसरॉय का इलाका.

क्या होता है 5 अक्षरों के इस कोड का मतलब?
अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, हर हवाई जहाज के उपर ये प्रमुखता से लिखा होना चाहिए कि वो किस देश का है, यानी उसकी पहचान क्या है. ये रजिस्ट्रेशन कोड पांच अक्षरों का होता है. पहले दो अक्षर देश का कोड होता है और उसके बाद के अक्षर ये दिखाते हैं कि हवाई जहाज की मालिक कौन सी कंपनी है. देश को ये कोड इंटरनेशनल सिव‍िल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) देती है.

1929 में मिला था VT
भारत को ICOA से ‘Viceroy Territory’ (VT) कोड 1929 में तब मिला था, जब यहां अंग्रेजों का राज था. लेकिन हैरानी की बात है कि 93 साल बीत जाने के बाद भी भारत अपनी गुलामी की इस पहचान को बदलने में नाकाम रहा है. 2016 में जब ये मामला संसद में उठा तो सभी पार्टियों के सांसदों ने सरकार से एक स्वर में मांग की कि इस नाम से जल्दी से जल्दी छुटकारा पाया जाए. मामले को उठाने वाले बीजेपी सांसद तरुण विजय ने कहा था कि हैरानी की बात है कि चीन, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और फि‍जी जैसे देशों ने भी अपने देश का कोड बदल कर नया कोड हासिल कर लिया. लेकिन भारत अभी तक ये करने में नाकाम रहा है.

यूपीए सरकार ने की थी नया कोड लेने की आधी-अधूरी कोश‍िश
सच्चाई ये है कि यूपीए सरकार के दौरान भारत की तरफ से इस बारे में आधी अधूरी कोशिश की गई थी. भारत ने BA (भारत) या IN (इंडिया) कोड हासिल करने की कोशिश की. लेकिन पता चला कि B कोड चीन और I कोड इटली पहले ही ले चुका है. इसके बाद तत्कालीन सिविल एविएशन मिनिस्टर प्रफुल्ल पटेल ने ऐलान कर दिया था कि मनमुताबिक कोड उपलब्ध नहीं होने के कारण भारत VT कोड ही जारी रखेगा.

अब इस मामले को लेकर एक वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है और मांग की है कि गुलामी के प्रतीक इस को़ड का नामोंनिशान मिटाया जाए और कोई नया कोड जल्द से जल्द हासिल किया जाए.

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