डीजीपी कार्यालय में हुआ कानून का खुले आम उल्लंघन, समाजसेवी अश्वनी सैनी ने की एफआईआर की मांग

हिमाचल प्रदेश में कोरोना को लेकर लापरवाही बरतना और कोरोना गाइडलाइन्स का उल्लंघन करना पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधिकारियों को भारी पड़ता नजर आ रहा है। आपको बता दें कि पिछले कल अभिनेता अनुपम खेर हिमाचल प्रदेश पुलिस के हेड क्वाटर पहुंचे थे, जहां उन्होंने लगभग दो घंटे बिताए और इस दौरान वह बिना मास्क के दिखे। इतना ही नही, इस दौरान बाकायदा फ़ोटो शूट करवाया गया और सोशल डिस्टेंसिंग की भी धज्जियां उड़ाई गई। फ़ोटो शूट में अभिनेता अनुपम खेर, पुलिस महानिदेशक और दूसरे पुलिस अधिकारियों ने मास्क तक नही पहने थे। इस फोटो शूट के फोटो हिमाचल पुलिस के सोशल मीडिया पेज और ट्विटर एकाउंट पर भी डाले गए। आम जनता ने फ़ोटो पर हिमाचल प्रदेश पुलिस को आड़े हाथों लिया तो सवाल पूछने वाले लोगों को पुलिस द्वारा ब्लॉक कर दिया गया और कमेंट डिलीट कर दिए गए। आम जनता में फजीहत के बाबजूद हिमाचल पुलिस ने अभी तक फ़ोटो सोशल मीडिया एकाउंट्स से डिलीट करने मुनासिब नही समझा।

जानकारी के मुताबिक इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है। सुंदरनगर निवासी समाजसेवक अश्वनी सैनी ने पुलिस महानिदेशक समेत फ़ोटो शूट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा कर एफआईआर की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधिकारियों और अभिनेता अनुपम खेर में डिजास्टर एक्ट के उल्लंघन किया है। पुलिस महानिदेशक सोशल मीडिया पर फ़ोटो डाल कर लोगों को कोरोना के प्रति गुमराह कर रहे और भ्रामक प्रचार कर रहे है। जिससे लोगों में कोरोना के प्रति भ्रम फैल सकता है और कई लोग कोरोना की चपेट में आकर जिंदगी से हाथ धो सकते है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर कानून का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस से डीजीपी के खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, आईपीसी और साइबर एक्ट में एफआईआर करने की मांग की है। उन्होंने अपनी शिकायत के साथ सोशल मीडिया पर अपलोड किए फ़ोटो भी भेजे है।

क्या है हिमाचल में मास्क चालान की स्थिति

आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश पुलिस आम जनता से अब तक मास्क जुर्माने के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल चुकी है। दिसंबर 2020 में पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पुलिस ने 2.15 करोड़ का मास्क जुर्माना वसूला था। जबकि पंजाब केसरी की एक खबर के मुताबिक जब पुलिस महानिदेशक अभिनेता अनुपम खेर के साथ बिना मास्क फ़ोटो शूट करवा रहे थे। उस समय अकेले बद्दी में 30 लोगों का चालान करके हिमाचल पुलिस ने 15000 जुर्माना वसूला है।

पुलिस के विधायकों, पत्रकारों और समाजसेवियों के खिलाफ मुकदमे

कोरोना काल में हिमाचल प्रदेश पुलिस की स्थिति बेहद नकारात्मक और गंभीर रही है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने पिछले एक साल में कई पत्रकारों और समाजसेवियों के खिलाफ डीएम एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए है। उनका दोष केवल इतना था कि पत्रकार रिपोर्टिंग करने बाहर निकले थे और समाजसेवी सरकार की गलती नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। इतना ही नही, राजनीतिक दबाब के चलते कई जगह वर्तमान विधायकों और पूर्व विधायकों को भी पुलिस ने टारगेट किया है। इसका मुख्य उदाहरण बिलासपुर से बंबर ठाकुर है। उनके खिलाफ पुलिस ने बड़ा हंगामा किया था जबकि वह आम लोगों की मदद करने कर्फ्यू काल में बाहर निकले थे।

सोशल मीडिया से कई मीडिया चैनल के कमेंट भी किए डिलीट

हिमाचल पुलिस के बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते फ़ोटो देख कर कई मीडिया चैनल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पुलिस ने जबाब देने के स्थान पर उन चैनलों के कमेंट डिलीट कर दिए। पुलिस ने मीडिया चैनलों और आम लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए जबाब देना तक जरूरी नही समझा। लोगों के बीच चर्चा का बाजार गर्म है कि अगर पुलिस महानिदेशक ही एक अभिनेता के चक्कर में कानून का पालन नही कर रहे तो बाकी जगह क्या हाल होगा। मामला मीडिया में उछल चुका है, अब देखना यह होगा कि पुलिस कानून का सम्मान करते हुए अपने डीजीपी, संबंधित अधिकारियों और अभिनेता अनुपम खेर के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर कार्यवाही करती है या नही।

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