आर्यन खान के लिए शाहरुख खान की मैनेजर पूजा डडलानी ने डील की थी 18 करोड़ की रिश्वत, सबूत मिलने के बाद समन

आर्यन खान ड्रग्स केस में शाहरूख खान की मैनेजर पूजा डडलानी पर इसी केस के सरकारी गवाह प्रभाकर सैल ने आरोप लगाया था कि इस केस में आर्यन की गिरफ्तारी के बाद उन्हें छोड़ने के लिए 26 करोड़ की रिश्वत मांगी गई और 18 करोड़ पर डील तय हुई थी। प्रभाकर सैल ने दावा किया था कि उन्होंने शाहरूख खान की मैनेजर पूजा डडलानी को सैम डीसूज़ा और केपी गोसावी से बात करते भी सुना।

आर्यन खान ने अपने हलफनामे में इन आरोपों को नकार दिया था। लेकिन अब SIT ने पूजा डडलानी को सीसीटीवी फुटेज में सैम डिसूज़ा और केपी गोसावी से कुछ बातचीत करते देखा है जिसके बाद पूजा डडलानी को पूछताछ का समन भेजा गया है।

प्रभाकर सैल ने एक हलफनामा सार्वजनिक किया था जिसमें साफ था कि केपी गोसावी और सैम डिसूज़ा ने आर्यन को छोड़ने के लिए 25 करोड़ मांगे थे और 18 करोड़ में डील फाईनल हुई थी जिसमें से 8 करोड़ समीर वानखेड़े लेने वाले थे। तुरंत ही केपी गोसावी को 50 लाख रूपये भी पहुंचाए गए थे जिसका बैग खुद प्रभाकर ने पहुंचाया था। प्रभाकर का कहना था कि उन्हें समीर वानखेड़े से जान का खतरा है।

हालांकि, केपी गोसावी की गिरफ्तारी के बाद NCB की ओर से कहा गया कि केपी गोसावी और सैम डिसूज़ा, NCB के अधिकारी बनकर शाहरूख खान और उनकी मैनेजर को बेवकूफ बनाना चाहते थे और ये पैसे लेकर फरार होने वाले थे।

प्रभाकर सैल ने किया था खुलासा

इस केस के मुख्य गवाह थे प्रभाकर सैल। प्रभाकर सैल, इस केस से जुड़े एक और आरोपी केपी गोसावी का बॉडीगार्ड था। प्रभाकर का कहना है कि NCB ने 2 अक्टूबर को उन्हें गवाह बनाया लेकिन खाली पंचनामे पर साईन करवाया था। 10 पन्नों का ये पंचनामा पूरी तरह कोरा था और प्रभाकर से इस पर साईन करवाया गया। प्रभाकर ने एक हलफनामा जारी करते हुए उस दिन का सारी घटना का ब्योरा दिया।

कौन है केपी गोसावी

गौरतलब है कि, केपी गोसावी वही आदमी है आर्यन खान के साथ जिनकी सेल्फी, एनसीबी के दफ्तर से वायरल हुई थी। इसके बाद से केपी गोसावी फरार है। पहले सबको लगा कि वो एनसीबी के ही आदमी हैं और आर्यन खान से पूछताछ में शामिल हैं। लेकिन एनसीबी में गोसावी को अपनी टीम का आदमी बताने से नकार दिया। तब से उनकी तलाश की जा रही थी। बाद में केपी गोसावी को पुणे में गिरफ्तार किया गया था।

केवल राजनीतिक पचड़े में फंसा है केस

महाराष्ट्र के कई नेताओं का कहना है कि आर्यन खान को ज़मानत ना मिलना केवल एक राजनीतिक दांव पेंच है और ये सब केवल शाहरूख खान की इमेज पर चोट पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना है कि ऐसा केवल बॉलीवुड और मुंबई की छवि बिगाड़ने के लिए किया जा रहा है। वहीं संजय राउत ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि इस केस में काफी पैसों की डिमांड की बात भी साफ सामने आ रही है।

2 अक्टूबर को गिरफ्तार हुए थे आर्यन और अरबाज़

आर्यन खान और उनके दोस्त केपी गोसावी को 2 अक्टूबर को कार्डेलिया नाम के एक जहाज़ पर चल रही रेव पार्टी से ड्रग्स लेने के आरोप में पकड़ा गया था। हालांकि, आर्यन के पास से ना ही ड्रग्स बरामद हुए थे और ना ही उन्होंने ड्रग्स का सेवन किया था। तब से आर्यन खान जेल में बंद थे। करीब 1 महीना जेल में बिताने के बाद आर्यन खान को 29 अक्टूबर को ज़मानत मिली थी।

NCB ने किया था विरोध

NCB ने आर्यन खान की ज़मानत याचिका की सुनवाई के दौरान, जज के सामने आर्यन खान के खिलाफ पुख्ता सुबूत पेश करते हुए उनकी ज़मानत का पुरज़ोर विरोध किया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से आर्यन खान पर दो गंभीर आरोप लगाए गए। पहला – सुबूतों और गवाहों से छेड़छाड़ का आरोप और दूसरा आर्यन खान के ड्रग तस्कर होने का आरोप।

नए सिरे से होगी जांच

NCB का दावा था कि ज़ाहिर तौर पर इस केस के गवाह पर शाहरूख खान की मैनेजर पूजा डडलानी ने गवाह को बहकाने की और अपना बयान बदलने का दबाव डालने की कोशिश की है। आर्यन के विरोध में ये भी कहा गया था कि अगर रिश्वत ली गई होती तो इतने दिनों से आर्यन खान जेल में क्यों बंद होते? आर्यन ने अपनी ज़मानत से पहले एक एफिडेविट दायर किया था जिसके अनुसार, इन रिश्वत के आरोपों से आर्यन का कोई लेना देना नहीं है। लेकिन अब पूजा डडलानी के खिलाफ सुबूत मिलने के बाद इस केस की जांच नए सिरे से की जाएगी।

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