अनुसूचित जाति के छात्रों की छत्रवृति योजना में बदलाव

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति (पीएमएस-एससी) योजना को बदलाव के साथ मंजूरी दी गई। इसके तहत इस वर्ग के छात्रों के लिए 59,000 करोड़ की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को हरी झंडी दिखाई गई है। इस योजना से 4 करोड़ से ज़्यादा छात्रों को फायदा मिलेगा। इस छात्रवृत्ति के लिए 60 फीसदी राशि केंद्र और 40 फीसदी राज्य देंगे।

कैबिनेट ने दिल्ली की अनियमित कॉलोनियों में रहने वालों को कानूनी संरक्षण देने से संबंधित अध्यादेश को भी मंजूरी दी।

इसे तीन साल के लिए बढ़ाया गया है। इससे संबंधित क़ानून की अवधि 31 दिसंबर को खत्म हो रही है, जिसे अब 31 दिसंबर 2023 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी केंद्रीय सूचना और प्रसाण मंत्री प्रकाश जावडेकर और सामाजिक कल्याण मंत्री थावरचंद गहलोत ने दी। इससे लगभग 1.36 करोड़ गरीब छात्रों को अगले पांच वर्षों में उच्चतर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा, जो कि अभी दसवीं के बाद पढ़ाई जारी नहीं रख सकते हैं।

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