सुप्रीम कोर्ट ने राजीव बिंदल के खिलाफ अवैध भर्तियों का मामला खोला; सरकार को नोटिस

हिमाचल प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजीव बिंदल की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ी हैं। 22 साल पुराना अवैध भर्ती मामले सुप्रीम कोर्ट में खुला है। कोर्ट से मामला रद्द होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई हुई है और सरकार को नोटिस जारी किया गया है।

वर्ष 1998 से 2000 के दौरान सोलन नगर परिषद में करीब 24 भर्तियां हुईं थी। डॉ. बिंदल उस समय नगर परिषद के अध्यक्ष थे। आरोप था कि उन्होंने नियम दरकिनार कर चहेतों को नौकरी पर रखा। भाजपा के बाद कांग्रेस जब सत्ता में आई तो इस मामले पर जांच बिठाई गई। कांग्रेस ने डॉ. बिंदल के खिलाफ विजिलेंस में केस दर्ज करवाया। शुरूआत में बिंदल समेत 27 लोगों को आरोपी बनाया गया था। ये मामला सोलन की अदालत में चल रहा था। जनवरी 2019 में सरकार ने ये मामला वापस ले लिया था।

जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार समेत 35 लोगों नोटिस जारी किया है और 4 हफ्ते में जबाव मांगा गया है। दरअसल, राज्य सरकार ने बीते साल बिंदल के खिलाफ इस केस को वापस ले लिया था और इसके बाद मामले को कोर्ट ने भी खारिज कर दिया था। बाद में नाहन के एक समाजसेवी अनिल कुमार की ओर से दायर याचिका पर SC ने मामले में सरकार से जवाब मांगा है।

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