एससी के व्यक्ति ने नही छुए पांव तो अपराधी ने नही दिया अनाज, टूटी बेटी की शादी, जांच शुरू

UP News : महोबा के नथूपुरा गांव में अनुसूचित जाति की महिला प्रधान को कुर्सी से उठाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि गुरुवार को एक और मामला सामने आ गया है। इसमें बटाई पर खेती करने वाले अनुसूचित जाति के व्यक्ति पर दबंग ने पैर छूने का दबाव बनाया। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उपज का आधा हिस्सा देने से इनकार कर दिया।

साल भर की मेहनत के बाद भी अनाज न मिलने से बटाईदार की बेटी की शादी टूट गई। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं। घटना थाना कबरई के मकरबई गांव की है। यहां के बाबूराम अहिरवार बटाई पर खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गुरुवार को बाबूराम ने पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया कि उन्होंने गांव के ही राजपूत परिवार की जमीन बंटाई पर ली थी।

दिन-रात पत्नी और बच्चों के साथ खेत पर रहकर रखवाली की। 12 अप्रैल को गेहूं और चना की मड़ाई कराई। आरोप है कि 13 अप्रैल को जब उसने फसल का आधा हिस्सा मांगा तो दबंगों ने गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरजू-मिन्नत करने पर पंचायत चुनाव के बाद उपज का बंटवारा करने की बात कही। बटाईदार का आरोप है कि दबंग लगातार धमकी दे रहा है और पूरे परिवार के पैर छूने का दबाव बना रहा है।

पैर न छूने की बात कहने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उपज देने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने एसपी से बताया कि 26 अप्रैल को बड़ी बेटी की शादी तय थी, लेकिन अनाज और रुपयों की व्यवस्था नहीं हुई। इस कारण शादी टूट गई। पीड़ित ने एसपी से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उधर, एसपी सुधा सिंह का कहना है कि पीड़ित ने प्रार्थना पत्र दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों पक्षों में अनाज की बटाई को लेकर कहासुनी हुई है। पीड़ित ने अन्य आरोप भी लगाए हैं, जिसकी जांच कराई जा रही है। दोषी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।

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