सलीमुद्दीन ने दस साल छोटी युवती से कराया था विपुल का निकाह

पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट चलाने वाले सलीमुद्दीन ने नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय का धर्म परिवर्तन कराने के बाद उम्र में दस साल छोटी आयशा से उसका निकाह कराया था। संजयनगर गाजियाबाद निवासी आयशा सलीमुद्दीन के इंस्टीट्यूट की ही छात्रा थी। छात्रा के पिता सलीमुद्दीन के दोस्त हैं।

डासना देवी मंदिर में गलत नाम बताकर घुसे विपुल व उसके साले कासिफ से पूछताछ के दौरान विजयननगर सेक्टर-12 निवासी सलीमुद्दीन का नाम सामने आया था। जिसके बाद उसे 11 जून को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 14 व 15 जून को दो दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुरक्षा एजेंसियों ने सलीमुद्दीन से पूछताछ की थी।

इस दौरान विजयनगर सेक्टर 12 में बंजारा चौक स्थित उसके फलाह-ए-आम पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट की भी छानबीन की गई थी।

मौके से धार्मिक पुस्तकें, इंस्टीट्यूट से जुड़े दस्तावेज, लैपटॉप व मोबाइल बरामद किया था। इन सभी चीजों की छानबीन के दौरान ही सलीमुद्दीन का कनेक्शन धर्मांतरण कराने वाली संस्था इस्लामिक दावा सेंटर से कनेक्शन सामने आया था। सलीमुद्दीन से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर ही एटीएस ने जामिया नगर दिल्ली निवासी मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी और मोहम्मद उमर गौतम को गिरफ्तार किया था।

12 वर्षों से इंस्टीट्यूट चला रहा है सलीमुद्दीन
सलीमुद्दीन करीब 12 वर्षों से फलाह-ए-आम पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट चला रहा है। डासना देवी मंदिर प्रकरण में जेल में बंद विपुल उर्फ रमजान ने भी इसी इंस्टीट्यूट से वैक्यूम थैरेपी व कप थैरेपी की पढ़ाई की थी। इसके अलावा हजारों छात्र-छात्राएं यहां पढ़ाई करके जा चुके हैं। वर्तमान में कोरोना काल के चलते इंस्टीट्यूट बंद चल रहा था। लेकिन, सलीमुद्दीन यह नहीं बता सका कि वर्तमान सत्र में कितने छात्र-छात्राओं का पंजीकरण उसके इंस्टीट्यूट में था।

इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं से हो सकती है पूछताछ
सुरक्षा एजेंसियों ने इंस्टीट्यूट का रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया है। बताया जा रहा है कि इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से भी सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर सकती है। उनसे धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने तथा इंस्टीट्यूट की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली जा सकती है। साथ ही यह भी संभावना है कि सुरक्षा एजेंसियां इंस्टीट्यूट से पढ़कर जा चुके छात्र-छात्राओं से भी संपर्क कर सकती है।

हमने कुछ गलत नहीं किया : आयशा
संजय नगर निवासी आयशा ने भी पति विपुल उर्फ रमजान और भाई कासिफ को बेकसूर बताया। धर्म परिवर्तन के सवाल पर उसने कहा कि उसने व विपुल ने कुछ गलत नहीं किया। सब कुछ दोनों की मर्जी और नियमानुसार हुआ है। आयशा का कहना है कि धर्मांतरण प्रकरण में विपुल व कासिफ का नाम बेवजह जोड़ा जा रहा है। उसने भी न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए न्याय मिलने की बात कही।

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