राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने की पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री को निलंबित करने की मांग

हिमाचल के मंडी में पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री की चोरी हुई अंगूठियों के मामले में नया मोड़ आ गया है। आज पुलिस ने दोनों अंगूठियां सुंदरनगर स्थित वन विभाग के विश्राम गृह से दोनों अंगूठियां बरामद हो गई है। जिसको लेकर मंडी की जनता में पुलिस अधीक्षक के खिलाफ आक्रोश की स्थिति बन चुकी है। सोशल मीडिया पर पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री को एक कमजोर और गैर जिमेदार पुलिस अफसर कहा जा रहा है।

इस मामले में मंडी स्थिति राइट फाउंडेशन एनजीओ ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को ईमेल के माध्यम से एक शिकायत भेजी है और मांग की है कि पुलिस अधीक्षक और महिला थाना प्रभारी रीता ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा उनके खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एक दलित महिला कर्मचारी को प्रताड़ित और अत्याचार करके आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए मामला दर्ज करने की मांग की है।

राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार का कहना है कि हम मंडी में ऐसी गैर जिमेदार और दलित विरोधी पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी सहन नही कर सकते। जो पुलिस अधिकारी स्वयं कानून और संविधान के विरुद्ध आचरण करते है, उनको किसी भी पद पर रहने की कोई जरूरत नही है। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी द्वारा एक दलित महिला से मारपीट कर, जातिसूचक शब्द कह कर और अपमानित कर जबरदस्ती अपराध कबूल करवाने की कोशिश की है। जोकि भारतीय कानून और संविधान का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई आम आदमी ऐसे गलती करे तो उसको माफ किया जा सकता है लेकिन एक बड़े पद पर बैठे अधिकारी से ऐसी गलती की अपेक्षा क्षमा करने योग्य नही है।

उन्होंने आगे कहा कि मंडी पुलिस की एससी एसटी एक्ट में दर्ज हुए मुक़दमोँ में कार्यवाही और जांच सन्देशजनक रहती है। लोकसभा से पारित कानून की धारा 18A के मुताबिक पुलिस को सूचना मिलते ही तत्काल एससी एसटी एक्ट की एफआईआर दर्ज करनी होती है और अपराधी को गिरफ्तार करना होता है। इतना ही नही सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेशों में इस बात को साफ किया है। लेकिन मंडी पुलिस ने पिछले एक साल में हुए सैकड़ों केसों में एक भी केस में कानून का पालन नही किया है। जिससे साफ जाहिर होता है कि मंडी पुलिस कानून के प्रति जिमेवारी नही निभाती। मंडी पुलिस अधीक्षक की नीयत मंडी के दलितों के प्रति सही नही है, जिसके चलते मंडी पुलिस सुप्रीम कोर्ट और लोकसभा से पारित होने के बाबजूद एससी एसटी एक्ट में सही कानूनी कार्यवाही नही करती।

उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि पुलिस अधीक्षक मंडी और महिला थाना प्रभारी मंडी दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया जाए तथा मामले की जांच की विशेष अधिकारी से करवाई जाए ताकि प्रताड़ित हुई महिला कर्मचारी को न्याय मिल सके।

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